पंजाब के दलित मुद्दों और बिगड़ती कानून व्यवस्था के विरोध में भाजपा के तेवर तल्ख हो गए हैं। पार्टी के अनुसूचित जाति मोर्चा ने गुरुवार को इन मुद्दों को लेकर मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के आवास के घेराव की कोशिश की लेकिन पुलिस ने उन्हें वाटर कैनन का इस्तेमाल कर खदेड़ दिया। साथ ही प्रदर्शन कर रहे 100 से अधिक भाजपा कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया, हालांकि कुछ देर बाद पुलिस ने उन्हें रिहा कर दिया।
पूर्व नियोजित कार्यक्रम के अनुसार गुरुवार को भाजपा के अनुसूचित जाति के कार्यकर्ता सेक्टर-25 में इकट्ठा हुए। जहां उन्होंने सूबे में हो रहे दलितों के शोषण और बिगड़ती कानून व्यवस्था के विरोध में प्रदर्शन शुरू किया। वहां से वह कैप्टन आवास घेरने के लिए रवाना हुआ लेकिन पुलिस ने उन्हें बैरिकेड लगाकर रोक लिया और पानी की बौछार कर दी, जिससे कार्यकर्ताओं में अफरातफरी मच गई। 100 से अधिक प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
इस दौरान भाजपा पंजाब एससी मोर्चा के प्रधान राजकुमार अटवाल ने आरोप लगाते हुए कहा कि पंजाब में दलित परिवारों पर सरकार में बैठे लोग अत्याचार करने से नहीं चूक रहे हैं। कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि बीते महीनों में कई दलितों की जान गई है लेकिन सरकार कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।
प्रदेश में पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप घोटाला हुआ है। इसमें एक मंत्री कथित तौर पर संलिप्त हैं लेकिन सरकार उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि 2017 में कैप्टन ने राज्य के दलित और पिछड़े वर्ग के लोगों से कई वादे किए थे लेकिन वे आज तक पूरे नहीं किए गए। उन्होंने कहा कि भाजपा कांग्रेस सरकार का विरोध जारी रखेगी। जब तक उन्हें न्याय नहीं मिल जाता तब तक कांग्रेस के खिलाफ प्रदर्शन जारी रहेगा।