चंडीगढ़। शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के नेताओं और पुलिस के बीच हुई झड़प के मामले में बिक्रम सिंह मजीठिया शनिवार को जिला अदालत में पेश हुए। अकाली नेताओं की ओर से अदालत में 30 मार्च को डिस्चार्ज एप्लीकेशन दायर की गई थी। इसका जवाब पुलिस को शनिवार को देना था। पुलिस ने जवाब तैयार न होने के कारण अदालत से समय मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 18 मई को होगी। शिअद नेताओं की तरफ से वकील राजेश कुमार राय ने अदालत में डिस्चार्ज एप्लीकेशन फाइल की थी। एप्लीकेशन में बताया कि पुलिस ने नेताओं के खिलाफ गलत केस दर्ज किया था, जो राजनीति से प्रेरित था।
यह है पूरा मामला...पंजाब में महंगाई और 1984 दंगों के विरोध में शिअद नेता और कार्यकर्ता साल 2021 में चंडीगढ़ स्थित मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने जा रहे थे। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए यूटी पुलिस ने बैरिकेड लगाकर नाकेबंदी की थी लेकिन प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़कर पुलिस कार्य में बाधा डाली और सरकारी आदेश का उल्लंघन किया था। आरोप के मुताबिक प्रदर्शनकारियों की पुलिस से झड़प भी हुई। इस वजह से पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा और कई नेताओं को हिरासत में लिया था। सेक्टर-3 थाना पुलिस ने मजीठिया समेत अकाली दल के 23 नेताओं के खिलाफ आईपीसी की धारा 188, 186, 353, 332 और 34 के तहत मामला दर्ज किया था।