सीआईए-1 इचार्ज दीपेंद्र राणा ने बताया कि आरोपी से पूछताछ की तो उसने बताया कि उसके गांव घोघड़ीपुर निवासी विशु मान से उसकी फेसबुक पर बातचीत हुई थी। इसके बाद उसने विशु मान को बुलाया और चाचा बजिंद्र की हत्या करने की साजिश करीब 20 दिन पहले ही रची थी।
बदमाशों को कुछ दूरी पर छोड़कर दोबारा आया मौके पर
पुलिस के अनुसार 11 फरवरी को रणदीप ने अपने दोस्त विशु के साथ मिलकर पहले चाचा बजिंद्र को फार्म हाउस से बाहर बुलाया और फिर उस पर गोलियां दाग दी। किसी को उस पर शक ना हो तो वह बदमाशों को अपनी कार में बैठाकर कुटेल की तरफ छोड़कर आया और फिर घटना स्थल पर खड़ा हो गया, ताकि पुलिस उस पर शक ना करे।
खुद कराई एफआईआर, पड़ोसी पर कराया शक
आरोपी रणदीप ने खुद ही पुलिस को शिकायत दी, ताकि पुलिस उस पर शक ना करे। इतना ही नहीं रणदीप ने पुलिस को दी शिकायत में पड़ोसी का नाम दिया हुआ था कि सुरेंद्र उर्फ सिंदर इस वारदात के समय उसके चाचा के साथ था, ताकि पुलिस का शक सुरेंद्र पर हो क्योंकि प्रॉपर्टी डीलर सुरेंद्र के घर ही रहता था। आरोपी ने बिजेंद्र हत्या के बाद विलाप करने का ड्रामा भी किया।
यमुनानगर में हत्या लूट के मामले में है वांटेड
डीएसपी विरेंद्र सिंह ने बताया कि आरोपी भतीजे रणदीप मान ने जिस दोस्त विशु के साथ मिलकर चाचा की हत्या की है। उसके खिलाफ पहले ही हत्या, लूट, चोरी, स्नेचिंग के मामले दर्ज हैं। हाल ही में वह यमुनानगर में एक हत्या के मामले में वांटेड भी चल रहा है।
कार की बरामद, हथियार व अन्य साथियों की तलाश
सीआईए-1 इंचार्ज दीपेंद्र राणा ने बताया कि आरोपी भतीजे को 16 फरवरी को गांव के समीप से ही कार के साथ गिरफ्तार कर लिया था। अभी इस मामले में अन्य आरोपी फरार हैं और हथियार भी बरामद करने हैं। 6 दिन की ही बजिंद्र की रस्म क्रिया कर दी गई और फिर पुलिस ने आरोपी भतीजे को गिरफ्तार कर लिया।