पुलिस ने मौके पर पहुंच सभी पुतलों को अपने कब्जे में ले लिया। इसमें तीन पुतले पूरी तरह से तैयार हो चुके थे, जबकि 7 पुतलों को अंतिम रूप देने का काम चल रहा था। सभी पुतलों की ऊंचाई सात से आठ फुट तक थी। बच्चों ने इन्हें पैसे एकत्र कर तैयार किया गया था। रेलवे की कार्रवाई की देखते किसी ने इसका विरोध नहीं किया, बल्कि लोग वहां से चुपचाप निकल गए।
थाना जीआरपी के एसएचओ बलबीर सिंह का कहना है कि अमृतसर हादसे के बाद इस साल रेलवे लाइन के आसपास दशहरा मनाने पर पूरी पाबंदी थी। मंगलवार को रेलवे पुलिस ने धूरी लाइन के आसपास एरिया में जांच की। विभिन्न जगह पर रावण के दस पुतले बरामद किए गए।
इसमें 3 पूरी तरह से तैयार थे, बाकी सात को तैयार किया जा रहा था। पुलिस ने सभी पुतलों को अपने कब्जे में लेकर माल खाने में जमा कर लिया है। अज्ञात के खिलाफ रेलवे एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। क्योंकि मौके पर किसी ने भी पुतलों पर अपना अधिकार नहीं जताया था।