-धमकी मिलने के बाद अलर्ट हुई पुलिस, एफआईआर दर्ज, आईजी ने बैठक कर बनाई सुरक्षा रणनीति
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संवाद न्यूज एजेंसी
चंडीगढ़। पंजाब के राज्यपाल व चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाबचंद कटारिया को सोशल मीडिया पर धमकी मिलने के बाद चंडीगढ़ पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। गवर्नर के आवागमन वाले रूट पर खास तौर पर पुलिस की तैनाती बढ़ा दी गई है। चौराहों, संवेदनशील स्थानों और प्रमुख इमारतों के आसपास अतिरिक्त बल लगाया गया है ताकि किसी भी तरह की चूक न हो।
आईजी स्तर पर सुरक्षा एजेंसियों के साथ बैठक कर गवर्नर की सुरक्षा के लिए विस्तृत रणनीति बनाई गई। बैठक में रूट चार्ट की दोबारा समीक्षा की गई और हर मूवमेंट पर नजर रखने के निर्देश दिए गए। आईजी पुष्पेंद्र कुमार ने रूट पर तैनात पुलिसकर्मियों को सतर्क रहने और संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई के आदेश दिए हैं। बैठक में ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों को भी शामिल किया गया। सूत्रों ने बताया कि आईजी ने सुरक्षा एजेंसियों को भी अलर्ट किया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार गवर्नर की सुरक्षा में लगे सभी दस्तों को अलर्ट पर रखा है। सोशल मीडिया पर नजर बढ़ा दी गई है। सूत्रों ने बताया कि धमकी के मामले में संबंधित पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। हालांकि ये एफआईआर चंडीगढ़ में नहीं हुई है। सूत्रों के अनुसार सोशल मीडिया अकाउंट्स पर नजर रखने के लिए चंडीगढ़ साइबर क्राइम थाना पुलिस को लगा दिया है।
क्षत्रिय
करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने दी थी धमकी
क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष राज शेखावत ने अपने ट्विटर हैंडल से धमकी दी थी। इसमें 22 दिसंबर को राज्यपाल की ओर से उदयपुर के गोगुंदा धूली घाटी में शिलान्यास कार्यक्रम में दिए गए विवादित बयान का हवाला दिया गया है। चंडीगढ़ प्रशासन के चीफ सेक्रेटरी एस राजेश प्रसाद ने कहा था कि राज्यपाल की सुरक्षा पहले से सख्त है लेकिन संबंधित विभागों से संपर्क कर सुरक्षा और जांच को और कड़ा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जो भी उचित कदम होंगे उन्हें तुरंत लागू किया जाएगा।