कांग्रेसी नेता राजवंत सिंह शेरगिल की हत्यारों तक पहुंचने के लिए पुलिस पूरी प्लानिंग से जुटी है। शनिवार को एसपी जीएस गरेवाल की अगुवाई में पुलिस सेक्टर-69 स्थित उस जगह पहुंची। जहां शेरगिल का शव कार में बरामद हुआ था। इसके साथ ही शेरगिल की महिला मित्र से भी दोबारा पूछताछ की गई। करीब 45 मिनट तक महिला मित्र से पुलिस ने सवाल किए।
सूत्रों के मुताबिक पुलिस ने शेरगिल के घर से एक लैपटॉप भी कब्जे में लिया है। जिसमें उसकी पर्सनल लाइफ एवं प्रॉपर्टी से जुड़ी कई जानकारियां पुलिस के हाथ लगी हैं। पुलिस ने इस काम के लिए एक प्रोफेशनल हैकर को बुलाया था। जिसकी सहायता से उसके कंप्यूटर का सारा डॉटा निकाला गया।
पुलिस जांच में इस बात के साफ सकेत मिल गए हैं कि शेरगिल की हत्या पूरी प्लानिंग के तहत की गई थी। हत्या को आत्महत्या दिखाने की कोशिश की गई। जिस जगह से शेरगिल की कार बरामद की गई थी। उसके पास कोई स्ट्रीट लाइट भी नहीं जलती है। उस जगह तक आम आदमी का पहुंचना संभव नहीं है। इलाका सुनसान रहता है।
पुलिस की जांच में सामने आया है कि शेरगिल ने खरड़ के एक एटीएम से 2200 रुपये भी निकाले थे। लेकिन जब शेरगिल का शव मिला तो पर्स में 2200 रुपये नहीं थे। हालांकि कार की अगली सीट पर दो सौ रुपये जरूर मिले थे। ऐसे में पैसे कहां गए यह भी जांच का विषय है।
शेरगिल की हत्यारों तक पहुंचने के लिए पुलिस की टीमें दिन-रात जांच में जुटी हुई है। चार दिनों में पुलिस ने करीब 45 लोगों से पूछताछ की है। इसमें शेरगिल के काफी करीब मित्र भी शामिल हैं।
पुलिस जांच में पता चला है कि 18 मई को शेरगिल चंडीमंदिर भी गया था। टोल प्लॉजा पर इस संबंधी कुछ ठोस सबूत पुलिस के हाथ लगे हैं। जिन्हें जांचने में पुलिस जुटी है कि आखिर चंडीमंदिर वाली साइड वह क्यों गया था। इसके अलावा उसके साथ कौन था।
सेक्टर-69 के लोगों का कहना है कि शेरगिल अक्सर इलाके में आता-जाता रहता था। उसकी गाड़ी कई बार इलाके में देखी गई थी। महिला मित्र के बारे में लोगों का कहना था कि घर वाले अक्सर कहा करते थे कि उसका पति विदेश गया है। पुलिस ने सेक्टर -69 के दो घरों में लगे सीसीटीवी से फुटेज प्राप्त की हैं। पुलिस अब उस फुटेज को देखेगी। पुलिस को उम्मीद है कि इससे पता चल पाएगा कि आखिर शेरगिल की कार को वहां तक लेकर कौन आया था।