पंजाब की सबसे सुरक्षित मानी जानी वाली अमृतसर केंद्रीय जेल से भागने वाले तीन कैदियों की तलाश में सोमवार को पुलिस ने अमृतसर और तरनतारन में कई जगह छापे मारे। सूत्रों के मुताबिक पुलिस ने इनके परिवार वालों से भी पूछताछ की है। पुलिस का कहना है कि उन्हें जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। भागने वाले कैदियों में विशाल (22) आरा कालोनी, मजीठा रोड अमृतसर का रहने वाला है जबकि गुरप्रीत (34) और जरनैल (25) चंडीगढ़ रोड खडूर साहिब, तरनतारन के रहने वाले हैं। ये दोनों भाई हैं।
एडीजी जेल परवीन कुमार सिन्हा के मुताबिक शुरुआती जांच में खुलासा हुआ है कि ये तीनों करीब 15 दिन से दीवार तोड़ने में लगे हुए थे। इसके लिए उन्होंने एक सरिये का इस्तेमाल किया और धीरे-धीरे रोज ईंटें निकालते रहे। रात में दीवार से एक-एक कर ईंटें निकालते थे और सुबह होने पर वे ईंटों को पहली की तरह दीवार में ही लगा देते थे। इसके बाद वे रजाई के लिहाफ की मदद से दो दीवारें फांद गए। जेल के सभी हिस्सों में सीसीटीवी नहीं लगे हैं।
डीजीपी दिनकर गुप्ता का कहना है कि वे टावर नंबर-10 के पास एक पॉइंट से जेल परिसर से भाग गए। यह हिस्सा सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में नहीं था। पुलिस महानिदेशक ने बताया कि प्रारंभिक जांच में बाहरी मदद मिलने का कोई सबूत नहीं है। ऐसा लगता है कि बैरक नंबर-7 के अहाता नंबर 2 में 61 कैदियों में से तीनों ने ही भागने की योजना बनाई। 2700 कैदियों की इस जेल में इस समय 3200 कैदी मौजूद है।
कहीं जेल के अंदर से तो नहीं की गई मदद, जांच जारी
कैदियों के भागने के बाद लापरवाही के आरोप में सात पुलिस मुलाजिमों को सस्पेंड कर दिया गया है और विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए गए है। इस बात की भी जांच की जा रही है कि कहीं इनके भागने में जेल के अंदर किसी ने मदद तो नहीं की। सस्पेंड होने वाले मुलाजिमों में असिस्टेंट जेल सुपरिंटेंडेंट ज्ञान सिंह, पुरुषोत्तम लाल, सुभेग सिंह, कुलवंत सिंह, वार्डन धीर सिंह, शमशेर सिंह और होम गार्ड कश्मीर सिंह शामिल है।