बेरोजगारों को बस में लेकर जाती पुलिस।
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पटियाला में पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के मोती महल को घेरने जा रहे बेरोजगार ईटीटी टेट पास अध्यापकों पर मंगलवार दोपहर बाद वाईपीएस चौक में पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। साथ ही 150 के करीब बेरोजगारों को गिरफ्तार करके पुलिस बसों में ले गई।
पुलिस की कार्रवाई से भड़के बाकी साथियों ने जहां राजपुरा-संगरूर हाईवे जाम कर दिया तो वहीं दो बेरोजगार पसियाना नहर के ओवरब्रिज पर चढ़ गए। इन बेरोजगारों ने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगें न मानी गईं तो नहर में कूद जाएंगे। खबर लिखे जाने तक बेरोजगार डटे थे।
रोजगार की मांग को लेकर बेरोजगार ईटीटी टेट पास अध्यापक यूनियन के नुमाइंदे जहां पिछले पांच महीनों से संगरूर में डीसी दफ्तर के आगे धरना दे रहे हैं। वहीं पटियाला में पिछले 86 दिनों से एक बेरोजगार मोबाइल टावर पर चढ़ा है फिर भी जब सरकार ने कोई सुध न ली तो तय कार्यक्रम के मुताबिक मंगलवार को यूनियन ने प्रदेश प्रधान दीपक कंबोज की अगुवाई में दोपहर करीब डेढ़ बजे लीला भवन के पास बड़ी संख्या में इकट्ठा होने के बाद मोती महल की तरफ कूच किया। लेकिन वाईपीएस चौक में पुलिस फोर्स ने बैरिकेड लगाकर बेरोजगारों को रोक लिया।
इस दौरान दोनों पक्षों में पहले धक्कामुक्की हुई लेकिन जब बेरोजगार आगे बढ़ने लगे तो पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। इस दौरान करीब 12 बेरोजगारों को मामूली चोटें भी लगीं, जबकि 150 के करीब बेरोजगारों को पुलिस गिरफ्तार करके बसों में ले गई। इसके बाद बाकी बचे बेरोजगार ईटीटी टेट पास अध्यापकों ने पुलिस की कार्रवाई के विरोध और अपनी मांगों को लेकर राजपुरा-संगरूर हाईवे पर ओवरब्रिज के नजदीक जाम लगाकर धरना लगा दिया।
क्या हैं मांगें
- 10 हजार ईटीटी अध्यापकों के पदों की भर्ती का विज्ञापन जारी किया जाए।
- 2364 ईटीटी अध्यापकों के पदों पर केवल ईटीटी टेट पास उम्मीदवारों को भर्ती किया जाए।
- शिक्षा प्रोवाइडरों और वालंटियरों को दिए गए अतिरिक्त अंकों की शर्त हटाई जाए।
- उच्च योग्यता के नंबरों की शर्त हटाई जाए।
- भर्ती में आयु सीमा में छूट दी जाए।