प्रदेश कमेटी सदस्य गुरदीप मानसा और युद्धजीत बठिंडा ने आरोप लगाया कि यह सरकार पंजाब के नौजवानों को किसी भी कीमत पर रोजगार नहीं देना चाहती। उनका संघर्ष जहां रोजगार के लिए लंबे समय से चल रहा है, वहीं 55 प्रतिशत की नीति रद्द करवाने के लिए और आयु सीमा 42, 47 करवाने के लिए चल रहा है। मांगों की पूर्ति के लिए जारी रहेगा।
मौके पर डीटीएफ के जिलाध्यक्ष बलवीर चंद लौंगोवाल और दाता सिंह नमोल ने लाठीचार्ज की सख्त शब्दों में आलोचना करते हुए शिक्षा मंत्री को चेतावनी दी कि जल्द ही बेरोजगार अध्यापकों को रोजगार मुहैया करवाया जाए अन्यथा संघर्ष को तेज कर दिया जाएगा। खबर लिखे जाने तक बेरोजगार अध्यापकों का शिक्षामंत्री की कोठी के सामने धरना जारी था।