चंडीगढ़ और पंचकूला के 11 बच्चे जानलेवा गेम ब्लू व्हेल के शिकंजे में हैं। ये छात्र इस गेम की अलग-अलग स्टेज पर है। इन बच्चों के मोबाइल फोन और टैब जब्त कर पुलिस इनकी जांच के लिए गुरुग्राम के साइबर एक्सपर्ट की मदद ले रही है। यह सनसनीखेज खुलासा किया है पंचकूला के पुलिस कमिश्नर एएस चावला ने।
पुलिस कमिश्नर चावला ने बताया कि इस जानलेवा गेम के शिकंजे में आए बच्चों के परिजनों को इस बारे में जानकारी दे दी गई है। माना जा रहा है कि चूंकि ये छात्र अलग-अलग स्टेज पर हैं इसलिए फिलहाल सभी डाटा को डिलीट होने से बचाया जा सकता है।
जानकारी के मुताबिक अब तक छानबीन में यह बात सामने आई कि इस गेम को ऑपरेट करने वाला एडमिनिस्ट्रेटर इतना शातिर है कि वह मोबाइल या टैब में कोई सबूत नहीं छोड़ रहा। एक वायरस भी सामने आया है, जो टास्क के पूरा होते ही फोन से सभी डाटा डिलीट कर देता है। गौरतलब है कि शनिवार को पंचकूला के दसवीं के एक छात्र करण ठाकुर ने जान दे दी थी। उसके मोबाइल में सभी एप्लीकेशन और डाटा डीलीट था। उसके मोबाइल से डाटा रिकवरी के लिए विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि करण के पास गेम का लिंक कहां से आया।