अकांक्ष मर्डर केस में अब तक पुलिस की पकड़ में न आ सके मुख्य आरोपी बलराज सिंह रंधावा को भगोड़ा (पीओ) करार देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सेक्टर-3 थाना पुलिस ने सोमवार को जिला अदालत में बलराज को भगोड़ा करार देने की अर्जी दाखिल की।
पुलिस की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि 9 फरवरी को सेक्टर-9 में हुए हत्याकांड में दो आरोपियों में से एक बलराज सिंह रंधावा को पुलिस ने पकड़ने के लिए कई जगह छापामारी की, लेकिन उसका अब तक कुछ पता नहीं चल सका है। इससे पहले पुलिस ने अदालत से बलराज सिंह रंधावा और हरमेहताब सिंह उर्फ फरीद के गैर जमानती वारंट जारी करवाए थे।
हालांकि पुलिस ने फरीद को 16 फरवरी को गिरफ्तार कर लिया था। मुख्य आरोपी बलराज को पकड़ने के लिए कई जगह छापामारी की, लेकिन उसका अब तक कुछ पता नहीं चल सका है। वहीं गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद उसने कोर्ट में सरेंडर भी नहीं किया है। ऐसे में उसे भगोड़ा करार देने की प्रक्रिया शुरू करने की अनुमति दी जाए, ताकि उसके इश्तिहार पब्लिक प्लेस पर लगाए जा सकें।
करण की कार के रिलीज ऑर्डर जारी
घटना वाले दिन 9 फरवरी को सेक्टर-9 स्थित घर के बाहर सुबह जब वारदात हुई थी तो अकांक्ष को जख्मी हालत में करण की स्कोडा कार में पीजीआई ले जाया गया था। पुलिस ने उस कार को उसके बाद जांच के लिए कब्जे में ले लिया था। सोमवार को करण के भाई सन्नी की ओर से दायर याचिका के बाद अदालत ने कार को रिलीज करने के आदेश जारी कर दिए।