शव के पास ही एक स्कूटी भी मिली थी। पुलिस ने सीआरपीसी की धारा 174 के तहत कार्रवाई करते हुए मामले को बंद कर दिया था। पिता ने बताया कि बेटे के शरीर पर कई जगह चोट के निशान थे। इससे उन्हें शक हुआ कि उनके बेटे की हत्या की गई है। उन्होंने यह बात पुलिस को बताई लेकिन पुलिस ने मानने से इंकार कर दिया था।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल एकत्र किए साक्ष्य
बलविंदर सिंह के मुताबिक पुलिस के रवैये को देखते उन्होंने खुद जांच करने की ठानी। उन्होंने नहर के किनारे के लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। एक फुटेज में रात 10 बजे तीन मोटरसाइकिल व एक स्कूटर पर सभी आरोपी जाते हुए नजर आए। स्कूटर नमन गर्ग चला रहा था, उसके पीछे उनका बेटा दया सिंह बैठा था।
यह वही स्कूटी है, जो दया सिंह के शव के पास मिली थी। वह फुटेज लेकर पुलिस के पास गए। पुलिस ने उनकी एक न सुनी और उन्हें यह कहकर लौटा दिया कि आरोपी अपने घरों में थे। इसके बाद वह पुलिस कमिश्नर और डीजीपी के पास गए। उन्होंने सारे सुबूत अधिकारियों के सामने रखे। इसमें साफ दिख रहा है कि आरोपी हत्या की रात दया सिंह के साथ थे। अधिकारियों के निर्देश पर थाना शिमलापुरी पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्जकर लिया है।