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Chandigarh News: मनजीत कौर की मौत की गुत्थी में पुलिस के हाथ खाली, न सीसीटीवी मिला न आरोपी

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चंडीगढ़। पंजाबी सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर मनजीत कौर की मौत के 10 दिन बाद भी जांच की दो सबसे अहम कड़ियां पुलिस के हाथ नहीं लगी हैं। जिस सीसीटीवी फुटेज से 3-4 जुलाई की रात सेक्टर-34 से मनजीत को ले जाने की पूरी तस्वीर सामने आ सकती थी, वह अब उपलब्ध नहीं है। दूसरी तरफ, उसकी मां की शिकायत में नामजद किए गए आरोपी भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। 26 अगस्त को पीजीआई में मनजीत की मौत के बाद पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल नंबर हासिल कर उन्हें सर्विलांस पर लगाया है और मनजीत व आरोपियों की सीडीआर निकलवाई है। टावर लोकेशन और कॉल डिटेल से कड़ियां जोड़ने की कोशिश जारी है लेकिन अब तक घटना का सीधा सुराग देने वाली सीसीटीवी फुटेज हाथ नहीं लगी है।

30 दिन में डिलीट हो जाती है रिकॉर्डिंग, दो महीने बाद तलाश शुरू
पुलिस के लिए सबसे अहम सीसीटीवी फुटेज का समय पर सुरक्षित नहीं होना जांच में बड़ी बाधा बन गया है। सेक्टर-34 में जिस स्थान से 3-4 जुलाई की रात मनजीत को अगवा किए जाने की बात सामने आई है, वहां की फुटेज घटना की कड़ी जोड़ने में महत्वपूर्ण हो सकती थी लेकिन पुलिस के सड़कों और लाइट पॉइंट पर लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग सिर्फ 30 दिन तक सुरक्षित रहती है। इसके बाद पुरानी रिकॉर्डिंग अपने आप डिलीट होकर नई रिकॉर्डिंग सेव हो जाती है। वारदात को करीब दो महीने बीत चुके हैं। ऐसे में कई महत्वपूर्ण स्थानों की उस समय की फुटेज अब उपलब्ध नहीं है। इससे पुलिस के लिए मनजीत की आवाजाही, उसके साथ रहे लोगों और अपहरण के घटनाक्रम को कैमरों के जरिये जोड़ना मुश्किल हो गया है।
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नामजद आरोपियों का ठिकाना मां को भी नहीं पता
जांच में दूसरी बड़ी चुनौती नामजद आरोपियों तक पहुंचने की है। पुलिस ने मनजीत की मां कांता देवी से आरोपियों के बारे में पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि वह केवल उनके नाम जानती हैं। वे कहां रहते हैं, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। जांच के दौरान सेक्टर-34 थाना पुलिस को आरोपियों के मोबाइल नंबर मिल गए हैं। इन्हें सर्विलांस पर लगाया गया है। पुलिस ने मनजीत और आरोपियों की सीडीआर भी निकलवाई है। अब टावर लोकेशन और कॉल डिटेल के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि आरोपी घटना के समय कहां थे और मनजीत से उनका संपर्क कब-कब हुआ।

ब्यूटी पार्लर की फुटेज भी नहीं मिली
पुलिस ने सनी एन्क्लेव में मनजीत के ब्यूटी पार्लर के आसपास भी पूछताछ की। वहां लगे सीसीटीवी कैमरों से उसकी गतिविधियों और उसके संपर्क में रहे लोगों के बारे में सुराग जुटाने की कोशिश की गई लेकिन रिकॉर्डिंग उपलब्ध नहीं होने से यहां से भी पुलिस को मदद नहीं मिल सकी। फिलहाल जांच का आधार मनजीत की मां की शिकायत, नामजद आरोपियों के मोबाइल नंबर, सीडीआर और उसके सोशल मीडिया अकाउंट हैं। पुलिस इन्हीं माध्यमों से घटना से जुड़ी कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
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डेढ़ साल पहले परिवार से अलग होकर न्यू चंडीगढ़ गई थी
मनजीत की मां कांता देवी खरड़ में अपने 11 वर्षीय बेटे के साथ रहती हैं। मनजीत करीब डेढ़ साल पहले परिवार का घर छोड़कर न्यू चंडीगढ़ चली गई थी। वह अपनी जिंदगी अलग तरीके से शुरू करना चाहती थी। उसने ब्यूटी पार्लर का काम शुरू किया था और अपनी मां की आर्थिक मदद भी करती थी।
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