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पुलिस के हाथ नहीं आया फर्जी राहुल मेहता, डागर भी गया जेल

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चंडीगढ़। सेक्टर 37 में करोड़ों की कोठी हड़पने और उसके मालिक को यातनाएं देने के मामले में नकली राहुल मेहता का पता पुलिस को चल गया है। वह महाराष्ट्र में छिपा है। पुलिस जल्द उसे गिरफ्तार करने रवाना होगी। आरोपी सतपाल डागर से पूछताछ के बाद पुलिस को यह कामयाबी मिली है। डागर ने यह भी बताया कि रजिस्ट्री के समय राहुल मेहता बनकर पेश होले वाला गुरमीत सिंह मोहाली का रहने वाला है। उसकी एक फैक्टरी भी है। गुरमीत को इसकी एवज में करीब पांच लाख रुपये दिए गए थे। जैसे ही पत्रकार संजीव महाजन की गिरफ्तारी हुई, गुरमीत मोहाली से फरार हो गया।
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दूसरी ओर, वर्ष 2017 में सेक्टर-37 के बीट बॉक्स में तैनात हवलदार रामपाल और सिपाही अशोक वीरवार को एसआईटी के समक्ष दोबारा पेश हुए। दोनों से कई सवालों के जवाब लिए गए। शुक्रवार को सेक्टर 39 थाने के तत्कालीन प्रभारी राजदीप सिंह एसआईटी के सामने पेश होंगे। उनसे शिकायत मिलने के बावजूद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई न करने पर जवाब लिया जाएगा।
डीएसपी के भाई आरोपी डागर को भेजा जेल
पुलिस ने वीरवार को डीएसपी के भाई आरोपी सतपाल डागर को अदालत में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। सुनवाई के दौरान सतपाल डागर के वकील विशाल गर्ग नरवाना ने कहा कि उनका मुवक्किल बेकसूर है। छह दिन के रिमांड के बाद भी पुलिस कोई जानकारी नहीं निकलवा सकी। उसका प्रॉपर्टी के सौदे से कोई लेना देना नहीं है, न उसे इस प्रॉपर्टी से कोई लाभ मिला है।
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मनीष गुप्ता की जमानत याचिका पर आज सुनवाई
मामले के एक अन्य आरोपी मनीष गुप्ता की जमानत याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई होगी। वह इस समय आरोपी संजीव महाजन के साथ जेल में बंद है। मनीष गुप्ता ने याचिका दायर कर कहा था कि उसका नाम रिपोर्ट में नहीं है। कोठी खरीदार सौरव गुप्ता का भाई होने की वजह से उसे गिरफ्तार किया गया है।
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