उन्होंने उसको अपनी कार में बैठाया और ट्रीटमेंट करवाने के लिए सेक्टर-43 सरकारी अस्पताल के लिए चल पड़े। इसी दौरान रास्ते में चंडीगढ़ और मोहाली फेज-7 की सीमा के पास नाके पर पुलिस वालों ने उनकी गाड़ी रोकी और पूछने पर उन्होंने अपनी परेशानी बता दी। लेकिन पुलिस वालों ने इतनी गंभीर समस्या होते हुए भी उनको साफ मना करके कहा कि आप पास बनवाकर लाओ, तभी एंट्री होगी।
इस पर किसान मोहन सिंह मोहाली के एसडीएम कार्यालय पास बनवाने के लिए 8 बजे पहुंच गए। करीब दो घंटे इंतजार करने के बाद जब वहां एसडीएम आए तो उन्हें पास बनवाने के लिए लेटर दे दिया। इस पर एसडीएम ने उन्हें कहा कि आप जीरकपुर से ही पास बनवाएं। इसके बाद मोहन सिंह पीड़ित को साथ लेकर वापस जीरकपुर पहुंचे।
यहां पर एसडीएम कार्यालय में कहा गया कि आपका पास तो बन जाएगा लेकिन इसके लिए आप ऑनलाइन अप्लाई करें। किसान मोहन सिंह ने बताया कि उनको ऑनलाइन आवेदन करना नहीं आता है और यहां उनकी मदद करने वाला भी कोई नहीं है।
ऐसे में वह क्या करते? किसान मोहन सिंह ने बताया कि वह करीब पांच घंटे यहां-वहां भटक कर वापस लालड़ू आ गए और वहीं के सरकारी अस्पताल में दिखाकर दर्द की दवा दिलाई। मोहन सिंह ने कहा कि लॉकडाउन में भी जरूरी सेवाओं या इमरजेंसी के लिए कहीं पर आने-जाने की रोकटोक नहीं है। उन्होंने कहा कि वह इसकी शिकायत प्रशासन को देंगे।