पुलिस ने छात्र नेताओं के आक्रोश को देखते हुए उन्हे खदेड़ दिया। 12 छात्र नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया, जहां से उन्हें थाने लेकर चली गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कुछ देर बाद थाने से छात्र नेताओं को रिहा कर दिया गया। एबीवीपी के राज्य सचिव चिरांशु रतन ने कहा कि इन सभी गतिविधियों को देखकर ऐसा लगता है कि राज्य सरकार को छात्रों के हित की कोई चिंता नहीं है।
छात्रवृत्ति जरूरतमंद और पिछड़े वर्ग के छात्रों को अध्ययन करने के लिए एक समान अवसर प्रदान करती है लेकिन इस छात्रवृत्ति को उड़ाकर कांग्रेस ने एक बार फिर अपनी छात्र विरोधी मानसिकता और एजेंडा दिखाया है। हम पूरे मामले में निष्पक्ष जांच करने का अनुरोध करते हैं और इसमें जो भी दोषी पाया जाता है, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि राज्य सरकार हमारी मांग को नजरअंदाज करती है तो वह अपना आवेदन केंद्रीय मंत्री थावर चंद गहलोत के पास ले जाएंगे। प्रदर्शनकारियों में सीडब्ल्यूसी सदस्य कुदरत जोत कौर, दीक्षा भनोट, प्रिया शर्मा, पारस रतन मौजूद रहे।