चंडीगढ़। यूटी पुलिस विभाग के लिए मंगलवार का दिन खास रहा। पुलिस विभाग के बेड़े में कई अत्याधुनिक वाहन शामिल हुए। इनमें एक बख्तरबंद वाहन, वाटर कैनन, नेटवर्क जैमिंग किट फिटेड फॉर्च्यूनर, एक फोरेंसिक जांच वैन शामिल हैं। ये वाहन वॉयस एनालिसिस, घाव की गंभीरता जांचने की किट, बुलेट डिटेक्शन, फिंगरप्रिंट किट, विस्फोटक डिटेक्शन किट, ब्लड और वीर्य डिटेक्शन किट आदि से लैस हैं।चंडीगढ़ के प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित ने इन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर पुलिस विभाग को सौंपा। इस दौरान आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रशासक ने फोरेंसिक प्रोग्राम के तहत 14 नए कंसल्टेंटों को नियुक्तपत्र सौंपा। मौके पर प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल, डीजीपी प्रवीर रंजन समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
जाने फोरेंसिक वैन की क्या है खासियत
फोरेंसिक वैन के अंदर किसी भी घटनास्थल से फोरेंसिक डाटा इकट्ठा करने से जुड़े सभी उपकरण मौजूद हैं। घटनास्थल पर सबूत नष्ट होने से पहले यह वैन वहां पर पहुंचकर सारे सबूत एकत्रित कर सकती है। इस वैन के अंदर उपस्थित उपकरणों की मदद से घटनास्थल पर स्कैच बनाने और फोटो एवं वीडियोग्राफी करने जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। विभाग के अधिकारियों की मानें तो वारदात की जगह से फिंगरप्रिंट व अन्य साक्ष्यों के आधार पर चंडीगढ़ पुलिस विभाग की तरफ से पिछले 10 सालों में करीब 50 केसों में दोषियों को सजा दिलवाने में महत्वपूर्ण योगदान निभाया है। इसमें हत्या, गैंगरेप, लूट और चोरी जैसी संगीन वारदात शामिल हैं।