चंडीगढ़। सेक्टर-9 में चमनप्रीत उर्फ चिन्नी मर्डर केस में चंडीगढ़ क्राइम ब्रांच बुड़ैल जेल में बंद प्रॉपर्टी डीलर हर्षप्रीत सिंह को प्रोडक्शन वारंट पर लेकर आई है। पुलिस ने मंगलवार को आरोपी हर्षप्रीत को जिला अदालत में पेश किया, जहां से उसे पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस अमरीन और हर्षप्रीत को आमने-सामने बिठाकर पूछताछ करेगी। पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाएगी कि आखिर गैंगस्टर लक्की पटियाल तक पैसे किसके जरिए और कैसे पहुंचे।
सूत्रों के अनुसार अमरीन पंजाब पुलिस के एडीजीपी की भाभी है। अमरीन और उसका बेटा सेक्टर-9 में जिम करते थे। यहीं उनकी चमनप्रीत उर्फ चिन्नी से मुलाकात हुई थी, हालांकि अभी तक की जांच में अमरीन के बेटे की कोई भूमिका सामने नहीं आई है। इसके बाद अमरीन ने चिन्नी के साथ न्यू चंडीगढ़ में प्रॉपर्टी खरीदने को लेकर बात की थी। चिन्नी ने अमरीन को प्रॉपर्टी बेच दी थी, जिसके बाद करोड़ों रुपये ले लिए गए थे। सूत्रों के अनुसार चिन्नी न तो रजिस्ट्री करवा रहा था और न ही पैसे लौटा रहा था। इसके बाद अमरीन ने हर्षप्रीत से बात की।
हर्षप्रीत ने अमरीन राय की लक्की पटियाल से बात करवाई। लक्की पटियाल को मोटी रकम पहुंचाई गई। अमरीन ने चिन्नी को सबक सिखाने के लिए लक्की पटियाल को सुपारी दे दी। राजन उर्फ पीयूष पहलवान के जरिए डिब्बा कॉल से लक्की पटियाल से बात होती थी। राजन ने पूछताछ में पुलिस को यह सुराग दिए थे। लक्की पटियाल ने चिन्नी को कई बार कॉल की और अमरीन की प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री करवाने या फिर पैसे लौटाने के लिए कहा। जब चिन्नी ने लक्की पटियाल की बात नहीं सुनी तो अमरीन ने लक्की के साथ मिलकर उसकी हत्या की साजिश रची। चमनप्रीत की 18 मार्च 2026 को जिम की पार्किंग के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
29 अप्रैल को क्राइम ब्रांच टीम ने गुप्त सूचना पर मलोया स्थित सत्संग भवन के पास नाका लगाकर मोहाली के गांव कैम्बाला निवासी 27 वर्षीय प्रॉपर्टी डीलर हर्षप्रीत सिंह को गिरफ्तार किया था। उसके कब्जे से एक इंपोर्टेड .45 बोर पिस्टल और दो जिंदा कारतूस बरामद हुए। जांच में पता चला कि यह हथियार अमरीन के नाम पर पंजीकृत है।