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Chandigarh News: साधु बने हत्यारोपी को पुलिस ने फकीर बनकर चित्रकूट के आश्रम से 35 साल बाद दबोचा

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चंडीगढ़। पुलिस ने 35 साल पहले एक महिला से लूटपाट और उसके नाबालिग बेटे की हत्या के आरोपी को उत्तरप्रदेश के जिला कासगंज के एक आश्रम से धर दबोचा है। आरोपी मध्यप्रदेश के चित्रकूट और यूपी के कासगंज के आश्रम में साधु बनकर छिपता फिर रहा था। बड़ी बात है कि शातिर अपराधी को पकड़ने के लिए पीओ सेल के जवानों को फकीर के वेश में जंगल-जंगल तलाश करनी पड़ी।
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साल 1989 में गांव कैंबवाला के जंगल में महिला से लूटपाट और उसके नाबालिग बेटे का अपहरण कर हत्या करने के बाद आरोपी फरार हो गया था। आरोपी आनंद कुमार करीब 35 साल से उत्तर प्रदेश के कासगंज और मध्य प्रदेश के चित्रकूट सहित विभिन्न जंगलों में बने आश्रम में साधु के भेष में छिपता फिर रहा था। पीओ सेल ने आरोपी को साधु के भेष में गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया। शिकायतकर्ता महिला विद्यावती निवासी गांव कैंबवाला ने बताया कि 18 जनवरी 1989 को वह अपने 11 साल के बेटे के साथ मनीमाजरा से जंगली क्षेत्र से होते हुए गांव कैंबवाला जा रही थी। इस बीच रास्ते में उनके गांव के रहने वाले पप्पू, जसवंत और आनंद कुमार ने उसे रोक लिया। उन्होंने चाकू की नोक पर उसके गहने उतरवा लिए और चाकू से भी हमला किया। इसके अलावा आरोपियों ने उनके 11 साल के बेटे ओंकार सिंह का अपहरण कर लिया। बाद में उनके 11 वर्षीय बेटे का शव जंगल में मिला। पुलिस ने पप्पू, जसवंत और आनंद कुमार के खिलाफ सेक्टर-3 थाने में केस दर्ज किया था।
1990 में कोर्ट ने आरोपी को भगोड़ा घोषित किया
पुलिस ने मामला दर्ज करने के बाद आरोपी पप्पू व जसवंत को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि हत्या, लूट व डकैती के मामले में नामजद आनंद कुमार निवासी ग्राम हरणपुर कलां, थाना दादौ, तहसील अतरौली, जिला अलीगढ़ उत्तर प्रदेश फरार हो गया था। आरोपी के खिलाफ अदालत ने कई बार गिरफ्तारी वारंट भी निकाले लेकिन कोई सुराग न लगने पर एडिशनल सेशन जज बीआर गुप्ता की अदालत ने उसे भगोड़ा करार दे दिया था।
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नौकरी के लिए बार-बार शहर व फैक्टरी बदलता रहा आरोपी
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी आनंद हत्या की वारदात के बाद उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ भाग गया। वहां उसने कुछ दिन एक ताला फैक्ट्री में मजदूर के रूप में काम किया। फिर कुछ महीने आगरा में काम करने के बाद हरियाणा के पानीपत आ गया। पानीपत में उसने सब्जी एवं फ्रूट मंडी में मजदूर के रूप में काम कर अपना समय बिताया।
झारखंड पहुंचकर आरोपी बन गया साधु

कई साल तक पानीपत में मजदूरी करने के बाद आरोपी आनंद कुमार झारखंड पहुंच गया और अपनी पहचान ही बदल ली। आरोपी ने साधु का चोला पहन लिया। साधु बनने के बाद गिरफ्तारी के डर से वह बार-बार अपनी जगह बदलता रहा।
कासगंंज के जंगलों में पहुंची पीओ सेल की टीमें
चंडीगढ़ पुलिस के पीओ सेल की जांच टीम आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए लगातार प्रयास में जुटी थी। जांच टीमों ने आरोपी को पकड़ने के लिए खुद फकीर का भेष धारण कर लिया था। पुलिस ने आरोपी को फरुखाबाद, हाथरस के जंगली इलाके सहित फिरोजाबाद, अलीगढ़, मैनपुरी, कासगंज के जंगलों में तलाश किया। जांच टीमें उसके ठिकानों पर छापेमारी करने के साथ मूल जन्मस्थान पर भी नजर रखे हुए थीं।
आश्रम के साथियों ने किया खुलासा
आरोपी की तलाश में पीओ सेल की टीम मध्यप्रदेश पहुंची। यहां जंगलों में बने आश्रम में रहने वाले कुछ साधुओं से संपर्क किया। इस बीच पता चला कि आरोपी आनंद कुमार चित्रकूट के जंगल में एक आश्रम में साधु के भेष में रह रहा है। पुलिस के पहुंचने पर पता चला कि आरोपी कुछ समय पहले यहां से निकल चुका है और अब कासगंज के जंगल में स्थित आश्रम में है। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कासगंज के जंगली इलाके में बने आश्रम से 35 साल से फरार आरोपी को गिरफ्तार कर चंडीगढ़ लाया।
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