चंडीगढ़। चंडीगढ़ में हुई फायरमैन परीक्षा फर्जीवाड़ा में शामिल आरोपी नवीन कुमार (32) की ओर से दायर की अग्रिम जमानत याचिका को जिला अदालत ने खारिज कर दिया। सोनीपत के रहने वाले नवीन की ओर से पेश हुए उनके वकील ने अदालत में दलील दी कि पुलिस ने उन्हें झूठे केस में फंसाया है। वह बीते दो साल से फायर स्टेशन में काम कर रहा है। उसके खिलाफ ऐसी कोई भी शिकायत नहीं दी गई है, जिसमें आरोप लगाया गया हो कि उसने अनुचित साधनों का प्रयोग करते हुए यह नौकरी प्राप्त की हो। पुलिस द्वारा वर्तमान एफआईआर उन्हें अपना पक्ष रखने का मौका दिए बगैर दर्ज कर ली गई। उसकी उपस्थिति का तथ्य की जांच के लिए परीक्षा केंद्र में प्रवेश के दौरान उसके द्वारा दिए गए बायोमेट्रिक से साबित किया जा सकता है। यहां तक वह पुलिस की जांच में शामिल होने और सहयोग करने के लिए भी तैयार है।
उन पर लगाए गए आरोप पूरी तरह झूठे हैं, इसलिए उसकी अग्रिम जमानत याचिका को मंजूर किया जाना चाहिए। वहीं, याचिका का विरोध करते हुए सरकारी वकील जेपी सिंह आवेदक के वकील की ओर से दी गई दलीलों का जोरदार तरीके से खंडन किया। सरकारी वकील ने तर्क दिया कि दर्ज मामले की जांच अभी प्रारंभिक चरण में है। इसलिए केस से संबंधित अन्य जानकारी जुटाने के लिए याचिकाकर्ता को पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ करना बहुत आवश्यक है जिससे की इस साजिश की पीछे की पूरी सच्चाई को सामने लाया जा सके। केस में अन्य शामिल अन्य सह आराेपियों और उनकी भूमिका और संलिप्तता का पता लगाना है। साथ ही इस घोटाल में आरोपियों द्वारा इस्तेमाल किए गए मोबाइल जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी बरामद करने हैं।