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कवि गोपाल दास नीरज ने खोली गीतों की असलियत

Mon, 03 Feb 2014 04:01 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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पद्म भूषण से सम्मानित वरिष्ठ कवि गोपाल दास नीरज रविवार शाम बसंत गिरिजा श्री सोसाइटी की ओर से आयोजित कार्यक्रम ‘बुजुर्गों के सम्मान में सुनहरी यादें’ में शामिल होने पहुंचे।
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अमर उजाला से बातचीत में उन्होंने कहा हमारे जमाने में गीत में कविता ज्यादा होती थी। लेकिन, बीच का एक दौरान ऐसा आया कि गीतों के नाम पर कुछ भी लिखा जाने लगा।

आइटम सांग में कुछ भी लिखकर बेचा जा रहा है। उन्होंने कहा ऐसा नहीं है कि सभी ऐसा लिख रहे हैं। वहीं, उन्होंने गुलजार, जावेद अख्तर और प्रसून जोशी की सराहना करते हुए कहा कि यह लोग अच्छा काम कर रहे हैं।
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एक प्रश्न के जवाब में उन्होंने कहा कमजोरी के चलते आजकल ज्यादा नहीं लिख पाता हूं। फिर भी जो बनता है वह लिखता रहता हूं।

बीमार हालत में कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे
जैसे ही नीरज थियेटर में पहुंचे तो वहां उपस्थित लोगों ने तालियों से उनका जोरदार स्वागत किया। वह लोगों की सहायता से व्हील चेयर की मदद से वहां पहुंचे। बैठते ही उनके पास कुछ लोग आशीर्वाद तो कुछ लोग फोटो और कुछ लोग ऑटोग्राफ लेने पहुंच गए। लोगों ने उनसे अपने पुराने लिखे गीत सुनाने की भी फरमाइश की।
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