हरियाणा में केंद्र सरकार की पीएम कुसुम योजना लॉन्च कर दी गई है, जो किसानों के जीवन में खुशहाली लेकर आएगी। कृषि कार्यों के दौरान बिजली बचत करने, किसानों के बिजली खर्च को कम करने और सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के मकसद से यह योजना लागू की गई है।
यह योजना खासतौर पर किसानों के लिए हैं, जिसे किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में एक अहम प्रयास के रूप में भी जोड़ा जा रहा है। इस योजना के तहत हरियाणा में 10 हजार मेगवाट का डिसेंट्रलाइज्ड ग्राउंड माउंटेड ग्रिड स्थापित किया जाएगा, जो विभिन्न सोलर प्लांटों से कनेक्टेड होगा। हरियाणा सरकार ने इस प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाअभियान (पीएम-कुसुम) योजना का लाभ किसानों तक कैसे पहुंचेगा और उक्त सेटअप कैसे और कहां-कहां स्थापित होगा। इस पर होमवर्क शुरू कर दिया गया है।
हरियाणा बिजली विनियामक आयोग के चेयरमैन डीएस ढेसी की अध्यक्षता में बीस फरवरी को होने वाली एडवाइजरी कमेटी की बैठक में इस नई योजना के क्रियान्वयन पर चर्चा होगी। उतरी हरियाणा बिजली वितरण निगम व दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम इस योजना को आगे बढ़ाएंगे। हरियाणा में इस योजना को केंद्र सरकार के अधीनस्थ मिनिस्ट्री ऑफ न्यू एंड रिन्यूवेबल एनर्जी की निगरानी में चलाया जाएगा।