काफी समय से धार्मिक स्थलों के लिए जमीन अलॉट करने के लिए चली आ रही मांग को देखते हुए गमाडा ने एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है।
गमाडा ने दो प्रमुख सेक्टरों में धार्मिक स्थल (गुरुद्वारों) के लिए जगह अलॉट करने का फैसला लिया है। जगह अलॉट करने के लिए गमाडा ने नियम एवं शर्तें काफी सख्त रखी हैं।
जमीन के लिए आवेदन करने की आखिरी तिथि 21 मार्च तय की है। इसके बाद आने वाले आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा।
जानकारी के मुताबिक गमाडा के थिंक टैंक ने कड़ी प्लानिंग के बाद धार्मिक स्थलों के लिए जगह अलॉट करने की योजना बनाई है। इस दौरान दो सेक्टरों में धार्मिक स्थलों को जमीन अलॉट करने का फैसला लिया गया। इसमें सेक्टर-68 और 48 शामिल हैं।
गमाडा ने धार्मिक स्थल के लिए जगह की निशानदेही का काम पूरा कर लिया है। धार्मिक स्थलों का निर्माण कार्य मास्टर प्लान के मुताबिक ही किया जाएगा।
दोनों साइटों की निशानदेही करते समय इस बात का पूरा ध्यान रखा गया है कि आम लोगों को किसी भी प्रकार की परेशानी न उठानी पड़े। साथ ही सड़क एवं अन्य बातों भी पूरा ध्यान रखा गया है।
गमाडा ने साफ किया है कि धार्मिक स्थलों की जमीन के लिए सोसाइटीज या ट्रस्ट ही आवेदन कर पाएंगी। इस दौरान उन्हें सारे दस्तावेज पेश करने होंगे। जो ट्रस्ट या सोसाइटी मानकों को पूरा करेगी। उसे गमाडा द्वारा जमीन अलॉट की जाएगी।
ट्रस्ट और सोसाइटियों को देना होगा पूरा हिसाब
गमाडा अधिकारियों के मुताबिक इस दौरान जमीन के लिए जो ट्रस्ट और सोसाइटियां आवेदन करेंगी। उन्हें अपने पिछले समय में किए गए कार्यों का हिसाब-किताब भी देना होगा।
इस दौरान एक स्क्रीनिंग कमेटी गमाडा में बैठेगी। जो इन सारी चीजों पर नजर रखेगी। इतना ही नहीं कोई सोसाइटी गलत जानकारी देती है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही गमाडा के रिकॉर्ड में उसे ब्लैक लिस्ट कर दिया जाएगा।