मदर्स डे पर टैगोर थिएटर में आयोजित चौथे मां सम्मान समारोह में अपनी प्रस्तुति से सबको भावुक करने वाली ‘बेटी’ संजना सूर्यवंशी केबी डीएवी सीनियर सेकेंडरी पब्लिक स्कूल, सेक्टर-7 की पांचवीं क्लास की छात्रा है। जबकि ‘मां’ दीक्षा नौवीं कक्षा में पढ़ती हैं।
संजना कहती हैं कि जब भी वह मंच पर परफार्म करती हैं तो अपने किरदार में पूरी तरह से डूब जाती हैं और वह ऐसा महसूस करती हैं कि मानो उस के साथ ऐसा असलियत में हो रहा है।
इस म्यूजिकल बैले में जब उनकी मां दुर्घटना का शिकार हो जाती हैं तो वह उस समय अपने अंदर असली भावनाएं लाने के लिए यही महसूस करती हैं कि असली में उसकी मां के साथ ऐसा हुआ है। इसके बाद खुद ही उसके अंदर भावनाएं आ जाती हैं और वह इससे बेहतर परफार्म कर पाती है।
पिछले साल भी मदर्स-डे समारोह में कन्या भ्रूण हत्या पर आधारित बैले में संजना ने बेहतरीन प्रस्तुति देकर सबको भावुक किया था।
स्वर्गीय डॉ.जीसी मिश्रा मेमोरियल एजुकेशन एंड चैरीटेबल ट्रस्ट और केबी डीएवी-7 की ओर से अमर उजाला के सहयोग से आयोजित किए गए इस समारोह में स्कूल के विद्यार्थियों द्वारा पेश म्यूजिकल बैले में संजना और दीक्षा की इन्हीं भावनाओं ने सभागार में उपस्थित सभी लोगों की आंखें नम कर दी थीं।
मां के घायल होने पर वह जिस तरह से रोई उससे हर कोई भावुक हो उठा। संजना ने बताया कि उसकी मां मंजू सूर्यवंशी और पिता भगत सूर्यवंशी भी उसकी इस प्रस्तुति को देखकर रोए थे।
वह कहती हैं कि उसे एक्टिंग का शौक तो है लेकिन इसे वह प्रोफेशन के तौर पर अपनाएगी या नहीं इसके बारे में उसने अभी नहीं सोचा है। इस बैले में मां का किरदार नौवीं में पढ़ने वाली दीक्षा ने निभाया था।
दीक्षा ने कहा कि संजना के साथ बेहतर तालमेल के कारण वह भी अपने अंदर असली भावनाएं ला पाई। केबी डीएवी-7 की प्रिंसिपल मधु बहल ने कहा कि उन्हें दोनों पर गर्व है।