इंपेक्ट आर्ट की ओर से चंडीगढ़ के टैगोर थिएटर में आयोजित किए जाने वाले नाटक ‘अन्हें काणें’ में मेंटल ब्लाइंडनेस को फिजिकल ब्लाइंडनेस के माध्यम से दर्शाया गया है। इस नाटक का आयोजन सात जनवरी को टैगोर थिएटर में होगा।
टैगोर थिएटर में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में नाटक के निर्देशक बनिंदरजीत सिंह बन्नी ने बताया कि नाटक पांच ब्लांइड और उनके बॉस की कहानी पर आधारित है। अन्हें काणें नाटक डॉ. आत्मजीत द्वारा लिखी कहानी पर आधारित है।
उन्होंने बताया कि नाटक में पांच कैरेक्टर को ब्लॉइड दिखाया गया है। वह अपने बॉस के आदेश पर काम करते हैं। उनके बॉस की एक आंख नहीं है। यह पांचों सूर्य की रोशनी की ओर देखते हैं तो उनको बॉस मना करता है और डांटता फटकारता है। वह सभी से लगातार काम करवाता है। इस बीच उनके पास एक खोजी आता है। वह इन पांचों को बताता है कि ऐसे कुछ नहीं बदलेगा।
वह बताता है कि यह उनका अंधापन नहीं है, ऐसा अंधापन तो समाज में काफी समय से चला आ रहा है। बनिंदरजीत सिंह बन्नी ने कहा कि इस नाटक में कलाकारों के भावों का खास महत्व है। उन्होंने कहा कि अन्हें काणें में लाइट्स और साउंड पर काफी ध्यान दिया गया है।
यह हैं कलाकार
सुरिंदर सिंह, मनदीप मानी, भवशील, जसपाल, बरनाला, अभय धार, विवेक राय, सीमांत, गुरप्रीत तूर, सरफराज सिंह, गुरप्रीत सरवारा, निश्चल, कुबेर।