विद्रोही महिला अक्का महादेवी ईश्वर के बताए रास्ते पर चलकर पुरुष-प्रधान समाज में स्त्री-स्वतंत्रता का रास्ता दिखाती है। मंगलवार को टैगोर थिएटर में ‘मैं बावरी चन्न की’ नाटक में महादेवी की भूमिका में शबाना एम बेहद शानदार अभिनय करते हुए लोगों को झकझोर दिया।
हरियाणा सूचना, जनसंपर्क एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग और शिवा देश संचार थियेटर ग्रुप, कर्नाटक की ओर से मंगलवार को नाटक का मंचन किया गया।
महादेवी बचपन से ही ईश्वर के प्रति समर्पित है, उसकी सुंदरता पर राजा कौशिक मोहित हो जाते हैं और उनके घर शादी का प्रस्ताव भिजवाते हैं। राज के क्रोध से अपने माता-पिता को बचाने के लिए महादेवी विवाह के लिए मन बना लेती है, लेकिन तीन शर्तें रखती है कि उनकी पूजा-ध्यान में कोई बाधा न आए, उन्हें भक्ति-सत्संग की स्वतंत्रता हो और राजा के साथ वह केवल अपनी इच्छा से ही रहे।
विवाह बाद जब राजा कौशिक पति के रूप में निकटता पाने के लिए जबरदस्ती करता है तो महादेवी महल छोड़कर चली जाती है। वह सब कुछ त्याग कर कल्याण का मार्ग अपना लेती है। ईश्वर के बताए रास्ते पर चलकर वह नारी-स्वतंत्रता के लिए आगे बढ़ती है। महादेवी के किरदार में शबाना एम ने बेहद सराहनीय अभिनय किया और दर्शकों पर अमिट छाप छोड़ी।
राजा कौशिक के किरदार में विनय एम चवन का किरदार भी सराहनीय रहा। नाटक शिवाकुमारा शिवाचार्य महास्वामी द्वारा कन्नड़ भाषा में लिखा गया। डॉ. अब्दुल हमीद ने इसका हिन्दी में अनुवाद किया गया है। शरीश दोबहल के निर्देशन में कलाकारों ने अपने अभिनय से नाटक में जान डाल दी।