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एक अनोखा इश्तेहार नाटक का मंचन

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चंडीगढ़। रूपक कला एंड वेलफेयर सोसाइटी की ओर से वीरवार को मोहिंद्र रिशम की कहानी पर आधारित नाटक ‘एक अनोखा इश्तेहार’ संगीता गुप्ता की निर्देशन में बाल भवन में प्रस्तुत किया गया। संस्कार भारती चंडीगढ़ की ओर से सात दिवसीय भारत मुनि नाट्य महोत्सव का आयोजन चंडीगढ़ संगीत नाटक अकादमी और हरियाणा कला परिषद के सहयोग से किया गया। बाल भवन सेक्टर 23 में विभिन्न थिएटर ग्रुप्स की ओर से अलग अलग नाटकाें को रोजाना मंचन किया जा रहा है।
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वीरवार को खेले गए नाटक एक अनोखा इश्तेहार में नाटक की नायिका आनंता अखबार में शादी का इश्तेहार देती है। वह दो शर्ते रखती हैं। पहला कि शादी करने वाले इंसान में इंसानियत वाले सारे गुण हो। वहीं दूसरी शर्त की उसकी बहन जरूर हो। अखबार में आए इस इश्तेहार को तजेश्वर नाम का एक युवक जब पढ़ता है तो उसे हैरानी के साथ काफी उत्सुकता भी होती है। वह यह सोचने लगता है कि आखिर 35 साल की एक लड़की ने ऐसा इश्तेहार क्यों दिया। वो लड़की को फोन करता है। लड़की उसे रविवार को मिलने का वक्त देती है जो छह दिन बाद है। वहीं वह फोन पर बात करने की अनुमति दे देती है। बातो बातों में लड़के को पता चलता है कि लड़की की शर्तो के पीछे मां के जीवन का कड़वा इतिहास छिपा है। मां डरती है कि कही उसकी बेटी अपनी शर्तों के कारण जीवन भर अकेली ना रहे जाए।
लेकिन लड़का और लड़की एक दूसरे को धीरे धीरे मिलने और समझने लगते हैं। आखिर में वह नई जिंदगी की शुरूआत करते हुए एक दूसरे के साथ शादी कर लेते हैं। कवि डॉ सतिंदर सिंह नूर, डॉ. पाल कौर, सुखविंदर अमृत, काना सिंह, एवं मनजीत टिवाना की कविताओं का नाटक में विशेष योगदान रहा। वहीं सुखजीत गिल, संदीप कौर, संगीता गुप्ता ने अपने किरदार बखूबी निभाए हैं। म्यूजिक को निधि कटियार ने दिया और लाइट्स का काम लवलीन कौर ने संभाला।
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