फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जात-पात और क्षेत्रवाद का डर दिखा 'अजातघर' में

Sun, 08 Dec 2013 10:12 AM IST
अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
विज्ञापन
पंजाब कला भवन, सेक्टर-16 में हिंदी नाटक अजातघर का मंचन हुआ। नाटक के जरिये समाज और राष्ट्र में फैले जातिवाद और क्षेत्रवाद के गंभीर मुद्दों पर कटाक्ष किया गया।
विज्ञापन


इंसान अपने ही देश के अन्य हिस्सों में रहने के लिए स्वतंत्र नहीं है। एक-दूसरे से जाति का भेदभाव रखते हैं और आपस में घृणा करते हैं।

पूरा नाटक केवल दो व्यक्तियों के इर्द-गिर्द घूमता रहा। नाटक में गांव के मेले का दृश्य दिखाया गया। मेले में अचानक दंगे भड़क गए। दोनों किरदार किसी तरह दंगों से बचकर भागते हैं।

दोनों अंजान घर में शरण ले लेते हैं। वहां दोनों को एक-दूसरे की जाति का पता चला। दोनों को एक-दूसरे से डर है कि कहीं दूसरी जाति के लोग उसे मार न दें।

इसी तरह अजातघर में कहानी आगे बढ़ती है। रामेश्वर प्रेम के लिखे इस नाटक को श्याम जुनेजा ने निर्देशित किया। करन बिष्ट का संगीत भी खूब पसंद किया गया। पहले पुरुष के किरदार में परमजीत पम्मा और दूसरे किरदार में अभिषेक ने अपने अभिनय से नाटक में जान डाल दी।
विज्ञापन
विज्ञापन

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें