चंडीगढ़। पीजीआई के प्लास्टिक सर्जरी विभाग की ओर से आयोजित नॉर्थ जोन एसोसिएशन ऑफ प्लास्टिक सर्जन का 18वां वार्षिक सम्मेलन रविवार को संपन्न हुआ। सम्मेलन में प्लास्टिक सर्जरी के क्षेत्र से जुड़े पंजाब, हरियाणा, हिमाचल, जम्मू-कश्मीर व चंडीगढ़ के 130 से अधिक विशेषज्ञों ने भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्लास्टिक सर्जरी विभाग के प्रमुख प्रो. अतुल पाराशर ने किया। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक सर्जरी की खासियत को लेकर आम जनता के मन में काफी भ्रम है। लोग आमतौर पर प्लास्टिक सर्जनों को केवल हाई प्रोफाइल वर्ग की जरूरत को पूरा करने वाले कॉस्मेटिक सर्जन मानते हैं, जबकि हमारी विशेषता सिर से पैर तक शरीर के सभी अंगों को प्रभावित करती है।
आयोजन सचिव डॉ. तरुष गुप्ता ने बताया कि इस सम्मेलन के माध्यम से प्लास्टिक सर्जरी के रेजिडेंट को वरिष्ठ सहयोगियों के साथ संपर्क स्थापित करने का अवसर मिला। प्रो. अतुल पाराशर ने कहा कि प्लास्टिक सर्जन विभिन्न प्रकार की सर्जरी करते हैं। इसमें मैक्सीलोफेसियल ट्रॉमा, क्रेनियो फैसियल सर्जरी, सिर और गर्दन का कैंसर, हाथ की चोटें, त्वचा की बड़ी क्षति, मासटेकटॉमी के बाद स्तन पुनर्निर्माण, कटे होंठ और तालू की विकृति का प्रबंध जैसी प्रक्रिया शामिल है। कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन पीजीआई के डीन एकेडमिक प्रोफेसर नरेश पांडे ने किया।