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Chandigarh News: सड़क हादसों की एफआईआर में अटैच होगी घटनास्थल की जियो टैगिंग

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-हरियाणा पुलिस और पीडब्ल्यूडी विभाग का संयुक्त प्रयास
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-जियो टैगिंग की समीक्षा के बाद सुधार के लिए लिए जाएंगे फैसले
अमर उजाला ब्यूरोचंडीगढ़। हरियाणा में सड़क हादसों में कमी लाने के लिए हरियाणा पुलिस और पीडब्ल्यूडी विभाग ने मिलकर योजना तैयार की है। इसके तहत, प्रदेशभर में होने वाले सड़क हादसों की एफआईआर के साथ हादसा स्थल की जियो टैगिंग करवा उसे एफआईआर के साथ अटैच किया जाएगा। इसका सबसे बड़ा फायदा होगा कि घटनास्थल पर होने वाले हादसे व उसके कारणों का पता चल सकेगा। इससे न केवल ब्लैक स्पॉट की पहचान होगी, बल्कि उनमें कमी लाने के लिए प्रयास भी किए जाएंगे। जरूरत के मुताबिक आरओबी और आरयूबी भी बनाए जा सकेंगे। फिलहाल विभाग के पास 350 ब्लैक स्पॉट की रिपोर्ट है। जियो टैगिंग के बाद नए संभावित हादसा स्थलों की जानकारी भी मिल पाएगी। इससे सरकार के पास पूरा रिकाॅर्ड होगा कि प्रदेश की किस सड़क पर कहां अधिक हादसे हो रहे हैं।
हरियाणा में सड़क हादसों की संख्या बढ़ रही है और साथ ही मरने वालों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। हरियाणा में बीते साल 11 हजार 115 सड़क हादसे हुए। इसमें पांच हजार लोगों की जान चली गई। सड़क दुर्घटना के डाटा के मुताबिक हाइवे में 2209 एक्सीडें हुए वहीं, ओवरस्पीड की वजह से 5823 सड़क हादसे हुए थे।
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सड़क हादसों को रोकने के लिए सरकार गंभीर है। भविष्य में जहां भी सड़क हादसे होंगे और किसी की जान जाएगी तो संबंधित केस में एफआईआर के साथ घटनास्थल की जियो टैगिंग की जाएगी। इनकी समीक्षा के बाद ब्लैक स्पाट की पहचान होगी और हादसों को रोकने के लिए सुधार किए जाएंगेे।
-दुष्यंत चौटाला, डिप्टी सीएम, हरियाणा
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