हरियाणा में 1200 सौ एकड़ जमीन पर ड्रग्स व इलेक्ट्रॉनिक्स औद्योगिक पार्क बनाने की तैयारी है। इसके अलावा हरियाणा सरकार मेडिकल पार्क विकसित करने पर भी विचार कर रही है। निवेश को एचएसआईआईडीसी के अफसर वेबिनार के जरिये बाहरी निवेशकों से वन-टू-वन मीटिंग में जुटे हैं।
हरियाणा राज्य औद्योगिक अवसंरचना विकास निगम के प्रबंध निदेशक अनुराग अग्रवाल ने बताया कि राज्य सरकार का इलेक्ट्रॉनिक्स के सामान की औद्योगिक इकाइयों के लिए सोहना में 400 एकड़ और बल्क-ड्रग की इकाइयों के लिए पानीपत में 800 एकड़ में औद्योगिक-पार्क बनाने का प्रस्ताव है। इसके अलावा मेडिकल पार्क बनाने को लेकर सरकार की प्राथमिकता है।
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उन्होंने बुधवार फ्लिपकॉर्ट, सेविल्स तथा इंडोस्पेस कंपनियों के उच्चाधिकारियों से वेबिनार के जरिए चर्चा की। बताया कि हरियाणा सरकार प्रदेश में विदेशी निवेश को आमंत्रित करने के लिए कई कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने पिछले दिनों अमेरिका व जापान के निवेशकों से वीडियो कॉन्फ्रेसिंग करके उनको हरियाणा में औद्योगिक इकाइयां लगाने का निमंत्रण दिया है।
हरियाणा राज्य औद्योगिक अवसंरचना विकास निगम के प्रबंध निदेशक ने यह भी बताया कि हरियाणा सरकार ने एक नई नीति भी बनाई है। जिसके तहत जो भी कंपनी अपने उत्पाद का टेस्ट या प्रयोग करने के लिए हरियाणा में जमीन पट्टे पर लेना चाहेगी, उसको पहले दस वर्ष के लिए और फिर हर दस वर्ष बाद रिन्यू करते हुए अधिकतम 99 साल के पट्टे पर देगी।
एमएसएमई ऋण संबंधी शिकायतों के लिए पोर्टल शुरू
हरियाणा में सरकार ने ऋण प्राप्त करने के बारे में एमएसएमई(लघु, कुटीर एवं मध्यम उपक्रम) की शिकायतें प्राप्त करने के लिए ‘हरियाणा उद्यम सहयोग’ के नाम से एक पोर्टल शुरू किया है। राज्य के सभी उद्यमियों से अनुरोध किया है कि वे केंद्र सरकार के कार्यक्रमों का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और यदि उन्हें ऋण से संबंधित चुनौतियां पेश आती हैं तो वे इस पोर्टल के माध्यम से दर्ज करवा सकते हैं।
उन्होंने बताया कि दर्ज की गई शिकायतों की दैनिक आधार पर बैंकों के साथ पैरवी की जाएगी और उनका तेजी से समाधान किया जाएगा। उद्यमी एमएसएमई के लिए वित्त संबंधी शिकायतों को उठाने के लिए 'सरल हरियाणा पोर्टल' पर पंजीकरण करने के बाद शिकायत फार्म भरकर अपनी समस्या को दर्ज करवा सकते हैं।