पिहोवा एक धार्मिक नगरी है और सरस्वती सरोवर पर आए दिन श्रद्धालु उनके मृतक रिश्तेदारों की आत्मिक शांति के लिए पिंड दान करवाने आते हैं, लेकिन प्रशासन की तरफ से सरस्वती सरोवर पर सफाई व्यवस्था दुरुस्त ना होने से श्रद्धालुओं में गहरा रोष पनपा हुआ है।
किसी ना किसी यात्री के साथ चोटिल होने की घटना यहां आम बात है, लेकिन प्रशासन ने मौन है। सोमवती अमावस्या पर भी हजारों श्रद्धालुओं ने सरस्वती सरोवर में स्नान किया था।
लेकिन सफाई व्यवस्था को लेकर प्रशासन की तरफ से कोई उचित प्रबंध नहीं किए गए थे। शुक्रवार को कालका से आया एक श्रद्धालु पिंडदान कराने के बाद जैसे ही सरस्वती तीर्थ में स्नान के लिए उतरा तो तीर्थ पर फिसलन से वह गिर गया और उसके सिर में गहरी चोट आई।
वहां पर खड़े लोगों की मुस्तैदी से वह डूबने से बचा। पुरोहित पंडित प्रकाश चंद, विनोद पंचौली ने बताया कि नगरपालिका की तरफ से कोई कर्मचारी सरोवर पर ना होने के कारण सफाई व्यवस्था दयनीय बनी हुई है।
मौके पर खड़े बाहर से आए श्रद्धालुओं जगतार सिंह, सुमन, गायत्री देवी, राजू, पिंटा आदि ने प्रशासन से मांग की है कि धार्मिक स्थल की महतता को देखते हुए सरस्वती सरोवर पर उचित प्रबंध किए जाएं।