लुधियाना निवासी रोहित सभ्रवाल ने एडवोकेट सरदाविंदर गोयल के माध्यम से लुधियाना में होटलों द्वारा बिल्डिंग बायलॉज का उल्लंघन करने का मुद्दा उठाया था। कोर्ट को बताया गया था कि होटलों के निर्माण के लिए कुछ तय प्रावधान हैं लेकिन लुधियाना में ज्यादातर होटलों में इसका पालन नहीं किया जा रहा है।
होटलों की मनमानी के चलते लोगों को होने वाली परेशानी को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने उल्लंघन करने वाले होटलों पर अगली सुनवाई तक कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। ऐसा न करने पर निगम आयुक्त को खुद हाजिर होने का आदेश दिया है।
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कोर्ट ने सुनवाई के दौरान होटल मालिकों की एसोसिएशन से कहा कि शहर आपके बच्चों और पोतों के रहने लायक रहे, यह आप चाहते हैं या नहीं। हमें नहीं लगता आप चाहते हैं कि आपका शहर बेहतर बने।
याचिका दाखिल करते हुए लुधियाना निवासी रोहित सभ्रवाल ने एडवोकेट सरदाविंदर गोयल के माध्यम से लुधियाना में होटलों द्वारा बिल्डिंग बायलॉज का उल्लंघन करने का मुद्दा उठाया था। कोर्ट को बताया गया था कि होटलों के निर्माण के लिए कुछ तय प्रावधान हैं और इसके लिए पहले मंजूरी के साथ ही बिल्डिंग में कुछ विशेष प्रावधान और मंजूरियां जरूरी हैं। लुधियाना में ज्यादातर होटलों में इसका पालन नहीं किया जा रहा है जो सीधे तौर पर कानून का उल्लंघन है। याचिका पर हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार और एमसी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। इसके बाद याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट में 109 होटलों की सूची सौंपी थी, जिस पर हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को जमकर फटकार लगाई थी।
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जनहित याचिका में लुधियाना शहर में बने होटलों के बगल में वाहनों की पार्किंग के कारण होने वाली बाधा के सार्वजनिक कारण को उठाया गया था। सोमवार को सुनवाई के दौरान निगम ने हाईकोर्ट को बताया कि 27 ऐसे होटल हैं, जिनके उल्लंघन को माफ नहीं किया जा सकता। बाकी के होटलों के आवेदन पर नीति के तहत विचार कर उचित निर्णय लिया जाएगा। सुनवाई के दौरान कोर्ट होटलों की ओर से कहा गया कि उन्हें नुकसान हो जाएगा, हाईकोर्ट ने कहा कि आज यदि आप नुकसान उठाओगे तो ही आपके बच्चे और पोते-पोतियों के लिए यह शहर रहने लायक रहेगा।