पराली जलाने के मामलों में कमी, अफसरों पर कार्रवाई, पहली बार गिरफ्तारी में राज्य आगे
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। नेशनल एयरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (नासा) द्वारा जारी दो दिनों के बीच छह राज्यों के एक्टिव फायर डाटा में प्रदेश सरकार के बेहतर पराली प्रबंधन की तस्वीर उजागर हुई है। पड़ोसी राज्य पंजाब के मुकाबले प्रदेश में पराली जलाने के मामलों में 30 गुणा की कमी है। वहीं, इसी अवधि में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान की अपेक्षा में प्रदेश में पराली जलाने के मामले कम हैं।
नासा की तरफ से चार और पांच नवंबर को जलने वाली पराली की तस्वीर दिखाई गई है। आंकड़ों के मुताबिक चार नवंबर को छह राज्यों में कुल 963 पराली जलाने के मामले आए थे। इसमें पंजाब में 262 और हरियाणा में 13 मामले आए थे। इसी तरह पांच नवंबर को छह राज्यों में कुल 1084 पराली जलाने के मामले आए, जिसमें पंजाब में 361 और हरियाणा में 09 मामले दर्ज किए गए थे। 15 सितंबर से पांच अक्तूबर 2024 तक पंजाब में पराली जलाने के कुल 4755 मामले आए हैं, जबकि इसी अवधि में हरियाणा में पराली जलाने के 879 मामले आ चुके हैं। आंकड़ों के अनुसार अभी तक पंजाब के मुकाबले हरियाणा में पराली जलाने के 81 फीसदी मामले कम आए हैं।
साल 2023 में 15 सितंबर से पांच अक्तूबर के बीच पंजाब में पराली जलाने के 17403 मामले आए थे, जबकि हरियाणा में पराली जलाने के 1514 मामले आए थे। इसी तरह साल 2022 में इसी अवधि के बीच पंजाब में पराली जलाने के 29400 मामले आए थे, जबकि हरियाणा में पराली जलाने के 2530 मामले आए थे।
किसान व अफसरों पर सख्ती में पंजाब से आगे हरियाणा
पराली जलाने से रोकने के लिए सख्ती में पंजाब से हरियाणा आगे है। पांच नवंबर तक पंजाब में पराली जलाने से रोकने में कोताही करने पर मोगा में एक नोडल ऑफिसर के खिलाफ चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की कोर्ट में केस दायर किया गया है। साथ ही दो एसडीएम, एक बीडीपीओ, दो एसएचओ और आठ नोडल अफसरों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। जबकि हरियाणा में पराली जलाने वालों को रोकने में कोताही बरतने वाले कृषि विभाग के 26 अफसरों निलंबित किया जा चुका है। साथ ही 382 अफसरों को नोटिस जारी किए गए हैं। राज्य में पहली बार पराली जलाने वाले किसानों की गिरफ्तारी हुई है। हालांकि, चालान, किसानों की रेड एंट्री, एफआईआर दोनों राज्यों में हो रही हैं।
पांच साल में 15 सितंबर से पांच अक्तूबर तक पराली जलाने के आंकड़ें
साल - पंजाब - हरियाणा
2020 - 53107 - 2837
2021 - 28937 - 3997
2022 - 29400 - 2530
2023 - 17403 - 1514
2024 - 4755 - 879