पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा द्वारा मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर हमले का पूर्व प्रदेश प्रधान फूलचंद मुलाना ने तीखा विरोध किया है। उन्होंने मंगलवार को भूपेंद्र सिंह हुड्डा का बचाव करते हुए राज्यसभा सांसद सैलजा पर हमला बोला। हरियाणा कांग्रेस भवन में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान मुलाना ने कहा कि चुनाव से पहले कांग्रेस कार्यकर्ताओं का मनोबल तोड़ने में सैलजा नंबर-1 रही हैं। लोकसभा चुनाव से पहले ही कुमारी सैलजा मैदान छोड़कर राज्यसभा सांसद बन गईं, जबकि वह उस समय केंद्रीय मंत्री थीं।
मालूम हो कि कुमारी सैलजा ने सोमवार को एक ट्वीट में कहा था कि हरियाणा में चुनाव हारने के लिए सिर्फ भूपेंद्र सिंह हुड्डा जिम्मेवार हैं और उनके तानाशाही रवैये के कारण ही पार्टी की हार हुई है। इस पर पूर्व अध्यक्ष फूलचंद मुलाना ने कहा कि पार्टी की हार के लिए कोई अकेला जिम्मेवार नहीं है, इसके लिए सभी लोग सामूहिक रूप से जिम्मेवार हैं।
सैलजा के खिलाफ कार्रवाई करे हाईकमान
हरियाणा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि सैलजा हमेशा यही आरोप लगाती हैं कि वर्करों की अनदेखी हुई है, लेकिन सच यह है कि उन्हें अपने रिश्तेदारों के अलावा कोई वर्कर नहीं दिखाई देता, जबकि हुड्डा ने हर कांग्रेस कार्यकर्ता की सुनी है।
सैलजा ने अपने भाई को हरियाणा सर्विस कमीशन का सदस्य बनवाया। उन्होंने कहा कि सैलजा द्वारा दिए जा रहे बयानों से पार्टी कमजोर हो रही है। सैलजा द्वारा हुड्डा के खिलाफ बयान पर हाईकमान को भी कार्रवाई करनी चाहिए।
प्रियंका को रोकने के लिए वाड्रा का नाम उछाला
मुलाना ने इस मौके पर कहा कि राबर्ट वाड्रा के नाम को सिर्फ भाजपा द्वारा प्रियंका गांधी को सक्रिय राजनीति में आने से रोकने के लिए उछाला जा रहा है। प्रियंका गांधी मेहनती हैं। उन्होंने कहा कि राबर्ट वाड्रा का नाम उछालने से हरियाणा चुनाव में कांग्रेस को कोई नुकसान नहीं हुआ, क्योंकि नियम के तहत जमीन की सीएलयू हुई है।
पार्टी के हार के लिए डेरा सच्चा सौदा द्वारा भाजपा को दिया गया समर्थन को भी एक कारण है। उन्होंने बताया कि जल्द ही चुनाव में हार के नतीजों पर समीक्षा के लिए कांग्रेस की ओर से बैठक बुलाई जा रही है।