लोकसभा चुनाव के बाद मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के इस्तीफे की मांग करने वाली कुमारी सैलजा को पूर्व प्रदेश अध्यक्ष फूलचंद मुलाना ने आधारहीन बताया है।
मुलाना ने कहा कि कुमारी सैैलजा ने केंद्र में मंत्री रहते लोकसभा चुनाव न लड़कर राज्यसभा में जाने का रास्ता चुना। जिससे विपक्षी पार्टी के नेताओं को यह कहने का मौका मिल गया कि कांग्रेस पार्टी के नेता हार के डर से चुनाव लड़ने से पीछे हट रहे हैं। यह संदेश लोगों तक गया और चुनाव में प्रतिकूल असर पड़ा।
उन्होंने कहा कि पार्टी नेताओं की इस प्रकार की बयानबाजी के प्रति हाईकमान को भी संज्ञान लेना चाहिए। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे आगामी विधानसभा चुनाव के लिए एकजुट होकर निष्ठाभाव से पार्टी के लिये काम करें और उसे मजबूत करें।
यहां जारी बयान में मुलाना ने कहा कि कि पार्टी की हार किसी व्यक्ति विशेष की न होकर पार्टी की सामूहिक जिम्मेवारी है। किसी भी नेता को इस प्रकार की बयानबाजी नहीं करनी चाहिए। इससे न केवल जनता में गलत संदेश जाता है बल्कि विपक्षी पार्टी के नेताओं को भी पार्टी के प्रति दुष्प्रचार का मौका मिल जाता है।