सांसद रवनीत सिंह बिट्टू का कहना है कि कांग्रेस में चल रही गुटबाजी पार्टी की बदकिस्मती है। आज हार के लिए एक दूसरे पर ठीकरा फोड़ा जा रहा है, इल्जाम लगाए जा रहे हैं, जबकि नेताओं को चाहिए कि वे बयानबाजी से बच कर स्थिति की समीक्षा करें।
यदि पूरी कांग्रेस एकजुटता के साथ चुनाव मैदान में उतरती तो पंजाब में आठ से नौ सीट आ सकती थीं। चुनाव के बाद हो रही बयानबाजी का जनता के बीच भी गलत संदेश जा रहा है और पार्टी आलाकमान भी इससे चिंतित है। बिट्टू सोमवार को सर्किट हाउस में कार्यकर्ताओं की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
सांसद ने माना कि गुटबाजी से पार्टी का काफी नुकसान हुआ है। उन्होंने नेताओं से अपील की है कि वे कलह-क्लेश मिटा कर 2017 में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए एक प्लेटफार्म पर इकट्ठा होकर रणनीति बनाएं, लोगों में फिर से विश्वास बहाल करने की तरफ कदम उठाएं। बिट्टू बोले कि पंजाब में गठबंधन सरकार के प्रति लोगों की नाराजगी थी, लेकिन उसका फायदा कांग्रेस नहीं ले पाई और सारा लाभ आम आदमी पार्टी के खाते में चला गया। इस पर मंथन करने की जरूरत है।
उनका तर्क है कि कांग्रेस चुनाव से पहले, प्रचार के दौरान गठबंधन सरकार की नाकामियों को जनता के बीच सही ढंग से नहीं ले जा पाई और विधानसभा में भी पार्टी सशक्त विपक्ष की भूमिका अदा करने में कहीं न कहीं चूक गई।
पार्टी यूपीए सरकार के कामकाज और उपलब्धियों को जनता के बीच गिनाने और सरकार पर लगे इल्जामों एवं स्कैंडलों पर जनता के बीच स्थिति स्पष्ट करने में पूरी तरह से कामयाब नहीं हो पाई। इसलिए जनता ने आम आदमी पार्टी को वोट दिया। हालत यह रही कि पूरे देश में वोटरों ने आप को नाकारा, लेकिन पंजाब में इतना समर्थन क्यों मिला, गांवों में भी आप को भरपूर वोट मिला। इन चीजों पर तुरंत मंथन करने की जरूरत है।