फेज-8 स्थित विकास भवन में मंगलवार को उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई। जब रूरल हेल्थ फार्मासिस्ट अपनी मांगों के विरोध में विकास भवन की छत पर चढ़ गए। इस दौरान उनके हाथ में पेट्रोल की बोतलें भी थीं। सूचना मिलते ही मौके पर विभिन्न थानों की पुलिस एवं प्रशासन के सीनियर अधिकारी भी पहुंच गए।
फार्मासिस्ट मुख्यमंत्री से मिलने की मांग पर अड़े हुए थे। इसी बीच जब फार्मासिस्टों के एक दल को सीएम से मीटिंग कराने ले जाया जा रहा था। उसी समय एक फार्मासिस्ट ने खुद को पेट्रोल छिड़कर आग लगाने की कोशिश की। हालांकि अन्य साथियों ने उसे रोक कर बचा लिया।
जानकारी के मुताबिक मंगलवार सुबह ही रूरल हेल्थ फार्मासिस्ट एसोसिएशन पंजाब एवं दर्जा चार एसोसिएशन के मुलाजिम विकास भवन के बाहर पहुंचना शुरू हो गए थे। दोपहर में मुलाजिम मौका पाकर विकास के अंदर पहुंच गए। इसके बाद कुछ मुलाजिम पेट्रोल की बोलतें लेकर विकास भवन की सबसे ऊपरी मंजिल पर पहुंच गए। साथ ही वहां आने वाले रास्ते के दरवाजे बंद कर दिए।
जबकि कुछ मुलाजिमों ने विकास भवन के डॉयरेक्टर का घेराव किया। इस दौरान मुलाजिम आग लगाकर मरने की धमकियां देने लगे। प्रशासन के अधिकारियों ने फार्मासिस्टों का शांत करने के लिए सीएम से मीटिंग कराने की बात मान ली। जैसे ही एसोएिसशन के मेंबरों को सीएम से मीटिंग के लिए ले जाया जा रहा था।
बरानाला से आए संजीव कुमार नामक फार्मासिस्ट ने खुद के ऊपर पेट्रोल डाल दिया। इसके बाद भगदड़ मच गई। अन्य फार्मासिस्टों ने फौरन उसके कपड़े उतारे और साइड में ले जाकर उस पर पानी डला। फार्मासिस्ट वहीं पर डटे हुए हैं। पुलिस ने वहां की सिक्योरिटी बढ़ा दी है।