पुत्र ने पिता को सौगात देने के लिए उठाया कदम
संग्रहालय का सुझाव पीजीआई के पूर्व संकाय और अब अमेरिका में एक प्रतिष्ठित हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. आईएस आनंद की ओर से आया था। वह कोविड महामारी से ठीक पहले अपने पिता के आरकाइव को पीजीआई पुस्तकालय को दान करने के लिए आए थे। उनके पिता डॉ. संतोक सिंह आनंद पीजीआई के दूसरे निदेशक थे। पीजीआई की लाइब्रेरी में पांच हजार से अधिक ऑनलाइन प्रतिष्ठित पत्रिकाओं और 60 हजार से अधिक ई-पुस्तकों और मुद्रित पुस्तक हैं। इसमें 250 लोगों के बैठने की क्षमता है। यह तीन मंजिला है। मौजूदा समय में इसमें हिंदी और पंजाबी में प्रेरक पुस्तकों का एक नया खंड भी जोड़ा गया है।
इसलिए खास है ओस्लर लाइब्रेरी
कनाडा के ओस्लर लाइब्रेरी में दुर्लभ और पुरानी पुस्तकों के अलावा वर्तमान माध्यमिक कार्यों और ऐतिहासिक ग्रंथों के आधुनिक संस्करणों के साथ-साथ एक संदर्भ संग्रह, अभिलेखागार व पांडुलिपियों, चित्रों और कलाकृतियों का एक मजबूत परिसंचारी संग्रह (सर्कुलेटिंग कलेक्शन) है। वर्तमान में पुस्तकालय में रखी गई किताबों की कुल संख्या लगभग 100000 है। इसमें पुरानी व नई पुस्तकों के साथ-साथ स्वास्थ्य विज्ञान और संबंधित क्षेत्रों के इतिहास के बारे में पत्रिकाएं भी शामिल हैं। पुस्तकालय में एक महत्वपूर्ण अभिलेखीय संग्रह भी शामिल है जिसमें 200 से अधिक अभिलेखीय संग्रह व सामग्री हैं, जो 19वीं शताब्दी से चिकित्सा के इतिहास और विकास व इसके शिक्षण का दस्तावेजीकरण करता है।