चंडीगढ़। राष्ट्रीय पोषण माह के बीच पीजीआई में मरीजों को दी जाने वाली खिचड़ी सिर्फ हल्का भोजन नहीं, बल्कि उनकी जरूरत के अनुसार तैयार पौष्टिक आहार है। पीजीआई की चीफ डाइटिशियन डॉ. नेन्सी साहनी के अनुसार यहां तीन तरह की खिचड़ी तैयार की जाती है। लेबर रूम में भर्ती महिलाओं के लिए ऐसी खिचड़ी बनाई जाती है, जो स्वादिष्ट होने के साथ आसानी से खाई जा सके। सामान्य मरीजों के लिए मूंग छिलका दाल की, जबकि बच्चों, डायरिया या कम फाइबर वाली डाइट की जरूरत वाले मरीजों के लिए मूंग धुली दाल की खिचड़ी दी जाती है।
डॉ. नेन्सी ने बताया कि पीजीआई की खिचड़ी में चावल कम और दाल व सब्जियां अधिक रखी जाती हैं। जरूरत के अनुसार प्रोटीन बढ़ाने के लिए इसमें पनीर भी मिलाया जाता है। एक कटोरे में चावल, दाल और सब्जियां होने से मरीज को संतुलित पोषण मिलता है। उन्होंने कहा कि मरीज के स्वस्थ होने में डॉक्टर, नर्सिंग, डाइट और अन्य विभागों की टीम का योगदान होता है।
पेट खराब तो खानपान पर दें ध्यान
डॉ. नेन्सी के अनुसार गलत खानपान और तनाव पेट संबंधी समस्याओं का कारण बन सकते हैं। रोज चाय-बिस्किट, रस्क, नूडल्स और समोसे खाना उचित नहीं है। देर रात और भारी भोजन से भी बचना चाहिए। हर भोजन में प्रोटीन, फाइबर और पोषक तत्व शामिल करने चाहिए। स्नैक में फल और नट्स जैसे पौष्टिक विकल्प लिए जा सकते हैं।