पीजीआई की डॉ. कुसुम शर्मा को वुमेन इन मेडिसिन अवॉर्ड
एक्स्ट्रा पल्मोनरी टीबी की तेज और सटीक जांच के लिए दो दशक से कर रहीं काम
चंडीगढ़। पीजीआई के मेडिकल माइक्रोबायोलॉजी विभाग की प्रोफेसर और एक्स्ट्रा पल्मोनरी टीबी (ईपीटीबी) की नोडल अधिकारी डॉ. कुसुम शर्मा को चिकित्सा क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए नेशनल एकेडमी ऑफ मेडिकल साइंसेज के वुमेन इन मेडिसिन अव़ॉर्ड-2026 से सम्मानित किया गया। शनिवार को तमिलनाडु के एसआरएम मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में आयोजित एनएएमएसकॉन-2026 के दीक्षांत समारोह में उन्हें यह पुरस्कार प्रदान किया गया।
डॉ. शर्मा करीब दो दशक से एक्स्ट्रा पल्मोनरी टीबी की सटीक और तेज पहचान के लिए काम कर रही हैं। यह बीमारी फेफड़ों के बजाय मस्तिष्क, आंखों, पेट और हड्डियों जैसे अंगों को प्रभावित करती है। इन अंगों से लिए गए नमूनों में टीबी के बैक्टीरिया की मात्रा कम होने के कारण जांच और बीमारी की पुष्टि चुनौतीपूर्ण होती है। इससे इलाज में देरी हो सकती है। इस चुनौती से निपटने के लिए डॉ. शर्मा ने मल्टीप्लेक्स पीसीआर तकनीक विकसित करने में अहम योगदान दिया है, जिससे बीमारी की पहचान में मदद मिलती है।