चंडीगढ़। तंबाकू निषेध कार्यक्रम को सफल बनाने में पीजीआई देश में अहम भूमिका निभाएगा। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने डब्ल्यूएचओ के मानकों के अनुरूप देश में तंबाकू निषेध पर काम करने के लिए यह निर्णय लिया है। पीजीआई तंबाकू निषेध कार्यक्रम के तहत बनाए जाने वाले लैब की संरचना के साथ जांच के मानक तैयार करेगा।
पीजीआई में तंबाकू निषेध कार्यक्रम के प्रोजेक्ट निदेशक व सामुदायिक चिकित्सा विभाग के डॉ. सोनू गोयल ने बताया कि इस संबंध में शुक्रवार को महत्वपूर्ण बैठक हुई है। इसमें स्वास्थ्य मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव हेकाली झिमोमी ने यह जानकारी दी। पीजीआई को साइंटफिक सपोर्ट ग्रुप को लीड करने की जिम्मेदारी दी गई है। डॉ. सोनू ने बताया कि मौजूदा समय में देश में 4 मुख्य लैब हैं, जहां तबाकू में मिलने वाले रसायनों की जांच की जा रही है। सिगरेट में 6 हजार और गुटके में 3 हजार खतरनाक रसायन होते हैं। इसमें सिगरेट के 60 और गुटके के 29 रसायन सीधे तौर पर कैंसर के कारकों में शामिल हैं, इसलिए इसके जांच की व्यवस्था पर मुख्य रूप से फोकस किया जा रहा है।
डॉ. सोनू ने बताया कि देश के चारों लैब को और बेहतर करने के लिए एसओपी तैयार करना है। उसमें डाटा कलेक्शन, जांच के नमूने लेने की प्रक्रिया, जांच का तरीका, जांच के बाद उन नमूनों को नष्ट करने संबंधी मानक बनाए जाएंगे। तंबाकू उत्पादों में जितने प्रकार के रसायन हैं, उसके जांच का तरीका भी बताया जाएगा।