चंडीगढ़। दुर्लभ आनुवंशिक बीमारी डाडा2 (डिफिशिएंसी ऑफ एडेनोसिन डीएमिनेज-2) की समय पर पहचान और उपचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चंडीगढ़ की वास्कुलाइटिस सोसाइटी ने शनिवार को परवाणू के सेक्टर-1 स्थित हिमगिरि मंदिर में जागरूकता एवं स्क्रीनिंग कैंप आयोजित किया। कैंप के दौरान एकत्र किए गए रक्त के नमूनों की जांच पीजीआई में की जाएगी। विशेषज्ञों के अनुसार डाडा2 एक दुर्लभ वंशानुगत बीमारी है, जिसमें बार-बार बुखार आना, त्वचा पर चकत्ते, रक्त वाहिकाओं में सूजन, कम उम्र में स्ट्रोक और प्रतिरक्षा तंत्र से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। यह बीमारी अक्सर समय पर पहचान में नहीं आ पाती, इसलिए शुरुआती स्क्रीनिंग से समय पर निदान और उपचार संभव हो सकता है। वास्कुलाइटिस सोसाइटी के सदस्यों ने बताया कि दुर्लभ बीमारियों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और समय पर पहचान सुनिश्चित करने के लिए ऐसे सामुदायिक स्क्रीनिंग कार्यक्रम आगे भी जारी रहेंगे।