तय ऐलान के मुताबिक पीजीआई नर्सिंग वेलफेयर एसोसिएशन के सदस्य शुक्रवार सुबह हड़ताल पर चलीं गईं। नर्सिंग एसोसिएशन का दावा है कि सभी नर्सेज हड़ताल पर थीं, लेकिन पीजीआई की ओर से दावा किया गया है कि आधी नर्सेज हड़ताल पर थीं और आधी काम पर। ओपीडी और इमरजेंसी सेवाएं प्रभावित नहीं हुई है। हालांकि कुछ प्लान सर्जरी जरूर टालनी पड़ी। दूसरी तरफ एसोसिएशन का कहना है कि जब तक उनकी मांगे नहीं मानी जाती, तब तक वे हड़ताल से पीछे नहीं हटेंगे।
पीजीआई की ओर से बताया गया है कि सभी प्रकार की नर्सेज की संख्या कुल 2500 है। इसमें प्रोबेशन भी शामिल हैं और रेग्युलर भी। इनमें से शुक्रवार को 1600 नर्सों को रिपोर्ट करना था। सिर्फ 511 नर्सों ने रिपोर्ट किया, बाकी 1095 अपनी ड्यूटी से सस्पेंड रहीं। काम प्रभावित न हो इसके लिए 355 नर्सिंग स्टूडेंट को तीन अलग-अलग शिफ्ट में ज्वाइन किया। इससे काफी मदद मिली है। ओपीडी में कुल 8208 पेशेंट देखे गए। इमरजेंसी में 154 पेशेंट को भरती किया गया। करीब 75 सर्जरी की गई। हालांकि इतनी सर्जरी टालनी भी पड़ी है। इमरजेंसी सर्जरी को नहीं टाला गया है। पीजीआई नर्सिंग एसोसिएशन का कहना है कि उनकी प्रमुख डिमांड वेतन विसंगतियों को लेकर है। जब तक उनका ग्रेड पे ठीक नहीं होता, तब तक उनका प्रदर्शन जारी रहेगा।
ज्यादा नहीं थोड़ा काम प्रभावित हुआ
हालांकि जो नर्सेज हड़ताल पर गई हैं, उनसे थोड़ा-बहुत तो काम प्रभावित हुआ है। एडवांस पीडियाट्रिक सेंटर के डाक्टरों ने बताया कि दोपहर में एक सीनियर नर्स व तीन नर्सिंग स्टूडेंट थीं। पेशेंट को फ्लूड और उन्हें मेडिसिन देने में परेशानी आ रही है। ऐसी थोड़ी बहुत दिक्कत ओटी में भी देखने को मिली थी, लेकिन सभी को किसी तरह से मैनेज किया गया।
हड़ताल पर गईं नर्सों की कटेगी सैलरी
नई दिल्ली में हड़ताली नर्सों पर एस्मा लगा दिया गया है। इसी से सबक लेते हुए पीजीआई प्रशासन ने भी एलान किया है कि जिन नर्सों ने हड़ताल में हिस्सा लिया है, उन्हें उस दिन की सैलरी नहीं मिलेगी। साथ ही पीजीआई ने एलान किया है कि वे जल्द ही 150 नई नर्सों की नियुक्ति करने जा रही है, जिससे कोई काम न प्रभावित हो। शनिवार को पीजीआई प्रशासन एक बैठक करने जा रहा है, जिसमें कड़ा एक्शन लेने पर भी विचार हो सकता है।