देश के सर्वश्रेष्ठ चिकित्सा संस्थानों में लगातार सात वर्षों से दूसरे पायदान पर कब्जा करने वाला पीजीआई कई अन्य मायनों में भी देश के अन्य चिकित्सा संस्थानों के लिए नजीर साबित कर रहा है। अगर किडनी ट्रांसप्लांट की बात की जाए तो इस क्षेत्र में गरीब और जरूरतमंद मरीजों की जिंदगी को बचाने में संस्थान देश में सबसे आगे है।
आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत संस्थान ने देश में अब तक सबसे ज्यादा लाभार्थियों का किडनी प्रत्यारोपण कर नंबर वन पोजीशन प्राप्त की है। इतना ही नहीं सामान्य वर्ग में 5000 से ज्यादा किडनी ट्रांसप्लांट कर यह अन्य अस्पतालों के लिए मिसाल कायम कर रहा है। संस्थान में किडनी ट्रांसप्लांट की सफलता दर लगभग 80 प्रतिशत तक है।
2023-24 में पीजीआई ने 130 करोड़ रुपये से अधिक पैकेज राशि के साथ 32000 आयुष्मान भारत के मरीजों का इलाज किया। इतने मरीजों का इलाज कर पीजीआई केंद्र शासित प्रदेशों में सबसे अधिक संख्या लोगों को लाभ पहुंचाने वाला सेंटर बन गया है। इसके साथ ही जिन गरीब और जरूरतमंद मरीजों के लिए किडनी ट्रांसप्लांट मुश्किल था, आयुष्मान भारत के तहत सुलभ हो गया है। इस योजना के अंतर्गत पीजीआई ने 111 किडनी ट्रांसप्लांट किए हैं जो राष्ट्रीय स्तर पर संस्थान को सबसे आगे खड़ा कर रहा है।