डॉ़ ढंडापानी और उनकी ईजाद की गई तकनीक।
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चंडीगढ़ पीजीआई न्यूरो सर्जरी विभाग के डॉ. एसएस ढंडापानी ने ब्रेन सर्जरी में नई तकनीक ईजाद की है। इस तकनीक के जरिए ब्रेन सर्जरी के मरीजों में सर्जरी के बाद माथे पर सूजन की समस्या नहीं होगी। आमतौर पर ब्रेन सर्जरी के मरीजों में सर्जरी के बाद माथे पर सूजन की समस्या दूर करने के लिए कॉस्मेटिक सर्जरी का सहारा लेना पड़ता है। पीजीआई का दावा है कि विश्व में यह अपनी तरह की पहली ब्रेन सर्जरी आधारित तकनीक है।
डॉ. ढंडापानी ने बताया कि 6 महीने पहले शुरू की गई इस तकनीक से पीजीआई में अब तक 40 मरीजों का सफल ऑपरेशन किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि ब्रेन सर्जरी के मामले में इससे पहले तक आइब्रो के ऊपर होल कर उस एरिया की हड्डी तोड़ कर ऑपरेशन किया जाता था। इसमें बड़ा होल बनाने से चेहरे पर विकृति आने का खतरा रहता था जबकि छोटे होल से ब्रेन के अंदर बड़ी सर्जरी नहीं की जा सकती थी। अब इस तकनीक की मदद से आइब्रो के ऊपर छोटा छेद बनाकर थोड़ी सी हड्डी तोड़ कर बड़ी सर्जरी आसानी से की जा सकती है।
डॉ. ढंडापानी ने बताया कि इस तकनीक को ‘ऑर्बिटल रिमस्पैरिंग सिंगल पीस फ्रेंटो ऑर्बिटल की होल अप्रोच’ का नाम दिया गया है। इसका मतलब होता है कम हड्डी तोड़ कर ब्रेन के अंदर ज्यादा जगह बनाना। डॉ. ढंडापानी के शोध को न्यूरोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया में प्रकाशित किया गया है।