चंडीगढ़। मंगलवार शाम हुई तेज बारिश ने पीजीआई की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। परिसर में कई जगह भारी जलभराव हो गया। नर्सिंग इंस्टीट्यूट की करीब 50 मीटर लंबी दीवार बारिश के दौरान भरभराकर गिर गई। दीवार का मलबा बाहर खड़ी एक कार पर जा गिरा, जिससे कार क्षतिग्रस्त हो गई। गनीमत रही कि हादसे में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
वहीं, पीजीआई के एडवांस आई सेंटर के बेसमेंट स्थित यूपीएस रूम में भी काफी पानी भर गया। हालात ऐसे रहे कि कमरे में जमा पानी बाहर की ओर निकलता दिखाई दिया। मौके पर मौजूद कर्मचारी भी यह स्पष्ट नहीं कर पाए कि इतनी बड़ी मात्रा में पानी यूपीएस रूम के अंदर कैसे पहुंचा।
सब स्टेशन में टपकता रहा पानी
एडवांस आई सेंटर के सब स्टेशन में भी छत से लगातार पानी टपकता रहा। यहां जनरेटर सिस्टम रखा हुआ है। ऐसे में बारिश के दौरान पानी के बीच बिजली से जुड़े उपकरणों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई। कर्मचारियों ने संवेदनशील उपकरणों के आसपास जलभराव रोकने के लिए तत्काल इंतजाम की जरूरत बताई। खास बात यह है कि करीब दो साल पहले इसी क्षेत्र के यूपीएस रूम में आग लगने की घटना सामने आ चुकी है। ऐसे में बारिश के दौरान यूपीएस रूम और सब स्टेशन में पानी भरने से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
नेहरू अस्पताल के पीछे घुटनों तक पानी
पीजीआई के नेहरू अस्पताल के पीछे भी भारी जलभराव रहा। कई जगह पानी घुटनों तक पहुंच गया। इससे मरीजों, तीमारदारों और कर्मचारियों को आने-जाने में परेशानी हुई। पीजीआई के आवासीय क्षेत्र में भी कई मकानों के आसपास पानी जमा हो गया।
कर्मचारियों का कहना है कि परिसर में जल निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण हर बार तेज बारिश में ऐसी स्थिति पैदा होती है। थोड़ी देर की बारिश में ही कई हिस्सों में पानी जमा हो जाता है। कर्मचारियों ने जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने और संवेदनशील स्थानों की तकनीकी जांच कराने की मांग की है।