जन्म के बाद बच्चे का ख्याल रखना एक मां के लिए सबसे बड़ी चुनौती होती है। नवजातों में बहुत ही जल्दी इंफेक्शन और अन्य बीमारियों का खतरा होता है।
ऐसे में यदि मां और परिजनों को कुछ बुनियादी जानकारी दी जाए तो छोटी-मोटी दिक्कतों से आसानी से निजात पाई जा सकती है। जिस प्रकार से पीजीआई ने प्रेग्नेंट महिलाओं की देखभाल के लिए तरीके सुझाएं हैं, उसी तरह संस्थान ने नवजातों की देखभाल के लिए नुस्खे बताएं।
पीजीआई के गायनी विभाग व कम्युनिटी मेडिसिन की ओर से रूम नंबर 2060 में प्रेग्नेंट महिलाओं को एक विशेष ट्रेनिंग दी जा रही है। प्रोजेक्ट के प्रिंसिपल इन्वेस्टीगेटर डा. अमरजीत सिंह, को-प्रिंसिपल इन्वेस्टीगेटर एवं गायनी विभाग की एचओडी डा. एलके धालीवाल, डा. एके मंडल, डा. वनीता सूरी, डा. वनीता जैन और डा. एके राणा ने बताया कि यह तरीके बहुत ही सरल हैं।
ट्रेनिंग के साथ ही एक किताब भी मुहैया करवाई जा रही है। प्रोजेक्ट स्टाफ डा. पूर्णिमा, डा. रुचि, इशा बजाज, प्रेरणा जॉन ने बताया कि रूम में वीडियो भी दिखाए जाते हैं ताकि महिलाओं को तरीके समझने में दिक्कत न हो।
ये हैं दिक्कतें और उनके उपाय
नवजात के पेट से गैस निकालना
1. शिशु की छाती और ठुड्डी को सहारा दें। अपनी छाती से लगाकर पकड़े। उसका सिर अपने कंधे पर लगाएं।
2. हलके से अपने शिशु की पीठ मले और थपके ।
3. फिर बच्चे को उसकी दाईं और लिटाएं।
4. शिशु को सीधा या गोदी में अलग-अलग तरीके से पकड़े।
ऐसे करे मालिश
1. मालिश शिशु के सिर से शुरू करे, फिर माथे और जबड़ों तक करें।
2. दोनों हाथों के साथ शिशु के शरीर पर बीच से बाहर की ओर मालिश करे।
3. छाती पर मालिश करने से पहले अपने दोनों हाथों को रगड़ कर गर्म करे।
4. शिशु के पेट पर मालिश करने के लिए अपने हाथों की घड़ी की सुई चलने वाली दिशा में घुमाएं।
5. शिशु की कमर के निचले हिस्से को गोलाई में थपथपाएं।
आंखों की देखभाल
1. साबुन और पानी से पहले हाथ धोएं। फिर साफ, गीली रूई उबाले और ठंडा करे। एक रुई के टुकड़े से अंदर वाले कोने से बाहरी कोने की तरफ आंखों को साफ करें।
2. एक बार में रूई के एक ही टुकड़े का प्रयोग करें। फिर फेंक दे।
3. आंखों में न तो काजल लगाएं और न ही सूरमा।
4. आंखों से अत्यधिक चिपचिपा रिसाव हो या लाल रहती है तो डॉक्टर को तुरंत दिखाएं।
कैसे नहलाएं और साफ-सुथरा रखे
1. यदि शिशु की त्वचा सूखी है तो थोड़ा सा बेबी आयल नहाने के बाद लगाएं।
2. शिशु का सिर सबसे पहले धोएं व साफ करें।
3. शिशु का चेहरा साफ करें। (चेहरे पर साबुन न लगाए)
4. अब बच्चे के सारे शरीर पर साबुन लगाएं।
5. सिर ऊंचा रखते हुए बच्चे को पकड़े।
6. शिशु को पानी के टब पर रखें।
7. शरीर से सारा साबुन पानी डाल कर निकालें।
8. सिर और चेहरे पर पानी हाथ से डाले न कि मग से।
ऐसे करे पहले चार दिन फीड
बच्चा जितना दूध लेता है उसके हिसाब लंगोट खराब होते हैं। बच्चे के पैदा होने के बाद पहले चार दिन बेहद सावधानी बरतें
दिन मां का दूध प्रतिदिन लंगोट व डाइपर प्रतिदिन बदले
पहले 24 घंटे हर तीन घंटे में दें कम से कम एक बार
दूसरा दिन फीड का बढ़ना न्यूनतम दो बार
तीसरा दिन 24 घंटे में 8-12 बार न्यूनतम तीन बार
चौथा दिन 24 घंटे में 8-12 बार न्यूनतम चार बार
चार दिन बाद 24 घंटे में 8-12 बार छह या उससे अधिक