चंडीगढ़। कोरोना महामारी के दौरान मरीजों को समय पर इलाज उपलब्ध कराने के लिए पीजीआई अपनी टेली कंसल्टेशन सर्विस को और मजबूत करने का प्रयास कर रहा है। इससे मरीजों को बिना ओपीडी में आए ही उचित परामर्श और फॉलोअप उपलब्ध हो सकेगा।
पीजीआई प्रशासन का कहना है कि कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए फिलहाल ओपीडी शुरू करने की कोई योजना नहीं है। ज्यादा से ज्यादा मरीजों को इलाज उपलब्ध कराने के लिए अपनी टेली कंसल्टेशन सर्विस को ही मजबूत करेंगे। उसमें पंजीकरण की समय सीमा बढ़ाने के साथ ही टेलीफोन लाइनों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। फिलहाल सेवा के अंतर्गत सुबह 8 बजे से 9.30 बजे तक पंजीकरण और सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक परामर्श की सुविधा दी जा रही है।
जरूरत के अनुसार बुलाया जा रहा पीजीआई
पीजीआई प्रवक्ता डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि टेली कंसल्टेशन सर्विस के अंतर्गत पंजीकृत होने वाले मरीजों को उनके बीमारी से संबंधित विशेषज्ञ कॉल करके परामर्श देते हैं। व्हाट्सएप के माध्यम से उनकी रिपोर्ट और अन्य फॉलोअप संबंधी जानकारियां भी देखी जाती है। अगर मरीज को अस्पताल बुलाकर देखने की जरूरत महसूस होती है तो ओपीडी में आने का समय दिया जाता है। इसके लिए भी सोशल डिस्टेंसिंग के मानकों का पालन करते हुए न्यू ओपीडी के अलग-अलग फ्लोर पर अलग-अलग विशेषज्ञ उन मरीजों को देखते हैं, ताकि कहीं भी किसी स्तर पर संक्रमण का खतरा न हो।
कॉल न आए तो न हों निराश
टेलीकंसल्टेशन के अंतर्गत पंजीकृत होने वाले मरीजों को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे के बीच कॉल करके परामर्श देने की सुविधा है। डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि पंजीकरण के बाद जिन मरीजों को उस दिन कॉल नहीं जाती है, उन्हें निराश होने की कोई जरूरत नहीं है। मरीजों की संख्या ज्यादा होने के कारण कॉल आने में थोड़ा विलंब हो सकता है, लेकिन जितने मरीजों को पंजीकृत किया जा रहा है, उन्हें शत प्रतिशत परामर्श देने का प्रयास किया जा रहा है।