पीजीआई ने पहली बार 72 वर्षीय दिवंगत डोनर से किडनी निकालकर दो जरूरतमंद मरीजों में ट्रांसप्लांट कर उन्हें नई जिंदगी दी है। आमतौर पर डाक्टर 65-70 की उम्र के बाद दिवंगत डोनरों से किडनी लेने से मना कर देते हैं। लेकिन इस केस में ऐसा नहीं हुआ।
पीजीआई के रीनल ट्रांसप्लांट सर्जरी के एचओडी डा. आशीष शर्मा ने बताया कि उन्होंने डोनर की किडनी का टेस्ट कराया। किडनी पूरी तरह से अच्छी निकली। मरीज को न तो डायबिटीज थी और न ही हाइपरटेंशन। कोई शंका न रह जाए इसलिए बायोप्सी भी कराई गई। इसमें किडनी सुरक्षित निकली। उसके बाद ट्रांसप्लांट कर दिया गया है।
डा. शर्मा के मुताबिक ऐसा माना जाता है कि 65-70 की उम्र के बाद डोनर की किडनी ठीक तरह से काम नहीं करती। दिक्कत आने की प्रबल आशंका रहती है। लेकिन जब यह केस आया तो चांस लिया गया गया। दोनों ही टेस्ट में किडनी सुरक्षित निकली। इससे पहले 70 वर्षीय डोनर से किडनी निकालकर ट्रांसप्लांट की जा चुकी है। जो पूरी तरह से सफल रहा है। डा. शर्मा के मुताबिक ट्रांसप्लांट के बाद दोनों मरीज पूरी तरह से स्वस्थ्य है। 72 वर्षीय पेशेंट हिमाचल का था। एक्सीडेंट के बाद वह कोमा में आ गया था। किडनी के अलावा उनकी दो कोर्निया सुरक्षित रख ली गईं हैं। जो बाद में पेशेंट में ट्रांसप्लांट कर दी जाएगी।